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अमर उजाला संवाद : उद्यमियों ने उठाए शहर के ये बड़े मुद्दे, बताया कैसे हो हमारा मेयर और पार्षद?

Sat, 06 May 2023 10:01 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 06 May 2023 10:01 PM IST
सार

Meerut News : उद्यमियों ने कहा कि निगम के पास अगर संसाधनों की कमी है तो मेयर और पार्षद संकल्प के साथ कार्य करें। ऐसा करने से विकास के लिए राह स्वयं बन जाएगी।

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Amar Ujala Samvad: entrepreneurs said that Municipal Corporation should free from corruption
अमर उजाला संवाद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में नगर निगम में कोई भी कार्य बिना सुविधा शुल्क के नहीं होता। नगर निगम पूरी तरह से भ्रष्टाचार से मुक्त होना चाहिए। उद्यमियों की मूलभूत आवश्यकताओं पर भी ध्यान नहीं दिया जाता। यह बातें मोहकमपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में शहर के उद्यमियों ने रखीं।

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उद्यमियों ने कहा कि निगम के पास अगर संसाधनों की कमी है तो मेयर और पार्षद संकल्प के साथ कार्य करें। ऐसा करने से विकास के लिए राह स्वयं बन जाएगी। शहर में होने वाले जलभराव से छुटकारा दिलाने के लिए योजना बनाकर काम करना चाहिए। अभी आलम यह है कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में आने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए।
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50 साल से टैक्स लिया, नहीं दी सुविधा
औद्योगिक इकाईयों से कॉमर्शियल टैक्स लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रहीं। एक समिति गठित की जानी चाहिए जो टैक्स का निर्धारण करे। नगर निगम सफाई, बिजली, पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराए। - राजकुमार शर्मा, संभाग महासचिव, लघु उद्योग भारती।
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निकाय क्षेत्र पर ध्यान दें मेयर
जीतने के बाद मेयर लखनऊ और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होकर अपने नगर निकाय क्षेत्र के विकास को दरकिनार कर देते हैं। उन्हें निकाय पर ध्यान देना चाहिए। वर्तमान में शहर की स्थिति देखकर निवेषक भी नहीं आते हैं। - पंकज कुमार जैन, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती।

युवा उद्योग में आगे आएं
युवाओं को आगे आकर उद्योग के साथ शहर को भी स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मेयर और पार्षद अपनी जिम्मेदारियों को समझें। - विवेक कुमार मित्तल, सदस्य, लघु उद्योग भारती।

26 करोड़ में बन जाएंगी औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें
नगर निगम का 600 करोड़ से अधिक का सालाना बजट होता है। इसमें सिर्फ 26 करोड़ में औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों का निर्माण हो सकता है। करोड़ों रुपये बिना उपयोग की वापस भेज दिया जाता है। अधिकारियों में इच्छा शक्ति की कमी है। - निपुण जैन, अध्यक्ष, परतापुर इंडस्ट्रीयल एस्टेट मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन।

नई टेक्नोलॉजी का करें प्रयोग
नगर निगम को निर्माण और सफाई आदि कार्य में नई टेक्नोलॉजी का प्रयोग करना चाहिए। पार्षद सप्ताहिक बैठक स्थानीय लोगों के साथ और मासिक बैठक महापौर के साथ कराएं। - केके नारंग, कोषाध्यक्ष, परतापुर इंडस्ट्रीयल एस्टेट मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन।

दिल्ली रोड पर नाला बने तो बदले सूरत
शहर में रोस्टर के साथ नियमित सफाई कार्य होना चाहिए। दिल्ली रोड पर अगर नाला निर्माण होगा तो बहुत हद तक जलभराव की समस्या का समाधान हो जाएगा। - राजीव सिंघल, उपाध्यक्ष, परतापुर इंडस्ट्रीयल एस्टेट मैन्यूफेक्चरार एसोसिएशन।

कूड़ा निस्तारण नहीं कूड़ा विभाजन कर रहा निगम
करोड़ों का सफाई का बजट होने के बाद भी नगर निगम के पास मशीनें नहीं है। गांवड़ी में लगाए गए प्लांट पर कूड़़े को विभाजित किया जा रहा है लेकिन कूड़े का निस्तारण नहीं हो रहा है। न शहर प्रदूषण मुक्त हुआ न ही फैक्ट्री फ्लेटेड कांपलेक्स का निर्माण हुआ। - आयुष मित्तल, उद्यमी।

भ्रष्टाचार के कारण स्थापित नहीं हो पा रहे उद्योग
वेस्ट मैनेजमेंट के प्लांट के लिए लखनऊ में आयोजित इन्वेस्टर समिट में 500 करोड़ के बजट का एमओयू हस्ताक्षर हुआ। 10 फरवरी 2023 तक सभी कागजी कार्रवाही नगर निगम के द्वारा पूर्ण की जानी चाहिए थी लेकिन अब 10 मई को सिर्फ चार दिन शेष रह गए हैं। - अक्षित मित्तल, एमडी, बॉनफायर इंफोटेक।

समितियों में किया जाए उद्यमियों को शामिल
नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्य के लिए जो समितियां बनाई जाती हैं उसमें उद्यमियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। - मनीष प्रताप, उद्यमी।

सिंचाई में प्रयोग होने वाले बम्बे नालों में तबदील
शहर में सिंचाई के लिए जिन बम्बों का प्रयोग किया जाता था वह अब नालों में तबदील हो गए हैं। जलभराव और गंदगी के कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही हैं। यातायात सुविधा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। - अश्वनी गुप्ता, एमडी, सीईसीओ इंफ्राटेक।

सड़क किनारे न डाला जाए कूड़ा
लोहिया नगर में कूड़ा सड़क किनारे डाला जा रहा है। ऐसे में बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। - प्रवेज आलम, एमडी, सोमा कैंची इंडस्ट्रीज।

नालों को ढकना आवश्यक
नालों की सफाई के बाद कूड़ा नाले के किनारे ही छोड़ दिया जाता है। कुछ दिनों में वह दोबारा नाले में चला जाता है। सफाई में खर्च हुई लाखों की धनराशि बेकार हो जाती है। - शरीफ अहमद, उपाध्यक्ष, कैंची क्लस्टर।

सफाई पर ध्यान दे नगर निगम
शहर को स्मार्ट सिटी से पहले साफ सिटी बनाया जाना चाहिए। नगर निगम के साथ मेयर और पार्षदों को भी सफाई पर ध्यान देना चाहिए। - राजेंद्र सिंह, वाइस प्रेसीडेंट, वेस्टर्स यूपी चैंबर ऑफ कॉमर्स, बोम्बे बाजार।

मेयर को दी जाए शक्ति
नगर आयुक्त के सामने मेयर के पास कोई शक्ति नहीं होती है ऐसे में वह नगर आयुक्त पर निर्भर होता है। हाउस टैक्स के लिए कमेटी बनाई जानी चाहिए। पॉलिसी न होने के कारण हाउस टैक्स 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाता है। - सुमनेश अग्रवाल, चैप्टर चेयरमैन, आईआईए।

हर कोई करता है उद्यमियों को परेशान
अभी तक आए मेयर और पार्षदों में इच्छा शक्ति की कमी देखी गई है। हर कोई उद्यमियों से कुछ न कुछ लेना चाहता है लेकिन औद्योगिक क्षेत्र के विकास की तरफ किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है। परिणाम स्वरूप में आज औद्योगिक क्षेत्र बदहाल अवस्था में है। - बिजेंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रोडवेज मेरठ।

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