अमर उजाला संवाद: बिल्डर, चार्टेड एकाउंटेंट और आर्किटेक्ट ने बताया हमारा मेयर कैसा हो? उठाए ये मुद्दे
Meerut News : महापौर ऐसा हो जो न केवल शहर और लोगों की समस्याओं को समझे बल्कि उनका निराकरण भी कराए। सरकारी मशीनरी पर पकड़ हो।
विस्तार
मेरठ शहर में अपार संभावनाएं हैं। महापौर ऐसा हो जो विजन रखता हो। समानता के साथ हर वार्ड में विकास कराए। जाति, धर्म और अन्य भेदभाव से रहित पढ़ा, लिखा और जनता को साथ लेकर हर वार्ड में विकास कराने वाला महापौर इस बार बनना चाहिए। दलीय राजनीति से ऊपर उठकर सभी के लिए काम कराने की सोच महापौर में होनी चाहिए। भावी महापौर को लेकर बुधवार को अमर उजाला कार्यालय में हुए संवाद में शिरकत करने वाले बिल्डर, चार्टेड एकाउंटेंट (सीए) और आर्किटेक्ट ये विचार रखे।
संवाद के जरिए सामने आया कि ऐसा महापौर होना चाहिए जो नई सोच के साथ शहर को तरक्की के रास्ते पर ले जाए। प्रतिभा पलायन को भी रोक सके। महापौर ऐसा हो जो न केवल शहर और लोगों की समस्याओं को समझे बल्कि उनका निराकरण भी कराए। सरकारी मशीनरी पर पकड़ हो। दलीय राजनीति तक वह सिमटा न रहे, बल्कि पूरे शहर को अपना समझते हुए हर वार्ड में विकास कार्य कराए। महापौर और पार्षद को तनख्वाह मिलने की भी लोगों ने पैरोकारी की। कहा कि ऐसा न होने पर वह भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते हैं। इसके साथ ही जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। लोगों ने एक बार चुनने के बाद पांच साल तक उसके बने रहने की व्यवस्था को खत्म करते हुए जनता के असंतुष्ट होने पर उसे हटाने का अधिकार भी होने की पैरवी की।
पार्षद अपने बोर्ड पर नंबर भी लिखें
सड़कें शहर की धमनियां हैं, इन पर अतिक्रमण न हो इसका सख्ती से पालन किया जाए। मेयर का दूरदर्शी होना चाहिए। लोगों को साथ लेकर शहर की तरक्की कराए। चुनाव बाद पार्षद का पता ही नहीं चलता, ऐसे में जरूरी है वह अपने बोर्ड के साथ मोबाइल नंबर भी लिखे ताकि लोग उससे जुड़ सकें। खाली प्लॉट पर भी निगम टैक्स लगाकर वसूली करे। - अशोक गर्ग, अध्यक्ष रियल एस्टेट डवलपर्स एसोसिएशन मेरठ
जनहित में बनाए पार्किंग
तमाम दफ्तरों में काम से आने वाले लोग गाड़ियां कहां पार्क करें। बाहर पार्क करने पर पुलिस उठाकर ले जाती है। ये हाल शहर में कई जगह का है। शहर में पार्किंग के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। - उमाकांत अग्रवाल, सीए
मेयर-पार्षद को मिले तनख्वाह
मेयर किसी भी धर्म या पार्टी की सोच वाला न होकर स्थानीय होना चाहिए तभी वह समस्या को जान-समझकर उसका निराकरण करा सकेगा। मेयर, पार्षद भ्रष्टाचार में लिप्त न हों इसके लिए जरूरी है उन्हें तनख्वाह मिले। मेयर को न केवल अपने अधिकार पता हों, जिम्मेदारी का भी उसे ज्ञान हो। - अनुपम शर्मा, सीए
सरकारी योजनाओं की हो जानकारी
सरकार की ओर से तमाम योजनाएं जनता के लिए चलाई जाती हैं। ऐसे में मेयर व पार्षद को न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए बल्कि इनका लाभ दिलाने का भी काम करना चाहिए। मेडिकल में जंबो पैक की मशीन फीता काटने के बाद से बंद पड़ी है। यह चालू होनी चाहिए। स्वच्छता और पर्यावरण के लिए वे काम करें। - प्रभात गुप्ता, सीए
खरा न उतरने पर हो हटाने का अधिकार
प्रत्याशी केवल चुनावी वायदे करते हैं जो चुनाव के साथ खत्म हो जाते हैं। प्रत्याशी चुने जाने के बाद पांच साल तक सुरक्षित हो जाता है। कई तो नजर तक नहीं आते। ऐसे में जरूरी है कि जनता को उम्मीदों पर खरा न उतरने वाले प्रत्याशी को बीच में ही हटाने का अधिकार हो। एक-दूसरे पर समस्या न डालें, इसके लिए जिम्मेदारी तय हो। - केपी सिंह, सीए
प्रतिभा पलायन न हो, मेरठ में बढ़ें सुविधाएं
सियासी दलों के जातीय कार्ड खेलने के फेर में जनता को नहीं फंसना चाहिए। मेरठ को मजबूत प्रतिनिधित्व मिले और शहर का विकास हो, इस पर ध्यान देना चाहिए। दावेदार को पार्टी का चोला ओढ़कर नहीं बल्कि अपनी उपलब्धियां गिनानी चाहिए। मेरठ से बच्चे पढ़ने व कमाने के लिए बाहर न जाएं, इस पर जमीनी स्तर पर प्लानिंग के साथ काम हो। - निमिषा रोहित अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव मेंबर आईसीएआई मेरठ
अपना दायित्व समझकर निभाए जिम्मेदारी
चुनाव के दौरान ही वादों और दावों की झड़ी लगती है। जनता को चाहिए कि वह सियासी दल से ज्यादा प्रत्याशियों के काम को तरजीह दे। ड्रेनेज, सीवेज और पेयजल की शहर में बड़ी समस्या है। अपने बीच के व्यक्ति को ही पार्षद चुनें, जो समस्याओं का निराकरण करा सके। मेयर भी मजबूत पकड़ के साथ विकास कराने वाला हो। - आशीष अनेजा, सचिव आईसीएआई मेरठ
दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ करे विकास
मेयर का पद शहर के प्रथम नागरिक का गरिमामयी पद है। ऐसे में मेयर पढ़ा-लिखा होने के साथ ही दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ काम करने वाला होना चाहिए। रैपिड ट्रेन का काम तेजी से चल रहा है, हाइवे बन रहे हैं, आने वाले दिनों में यातायात को लेकर मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। मेयर को वार्ड की समस्याओं की जानकारी हो और बजट बनाकर काम कराए। - चिराग गुप्ता, अध्यक्ष मेरठ आर्किटेक्ट एसोसिएशन
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर बने प्लान
शहर में बहुत असमानताएं हैं, जो दूर होनी चाहिए। रूड़की रोड पर कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर 80 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर तक में कॉलोनी काटी जा रही है। वहीं शहर के अन्य भागों में बहुत कम सर्किल रेट है। यह असमानता दूर होनी चाहिए। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर ठोस प्लानिंग के तहत काम की सख्त जरूरत है। फाइनेंशियल कैलेंडर बनाकर काम हो। - देवेंद्र मोहन, आर्किटेक्ट
90 फीसदी लोगों का 10 फीसदी करे अपना काम
मौजूदा समय में जो भी मेयर बनता है वह 90 फीसदी काम तो अपना ही करता है, जबकि दस फीसदी ही लोगों के काम वह कराता है। वास्तव में मेयर ऐसा चाहिए जो 90 फीसदी लोगों का और दस फीसदी अपने काम करे। जरा देर की बारिश में भारी जलभराव हो जाता, नाले उफनने लगते हैं। अतिक्रमण इसकी बड़ी वजह है। इस पर सख्त नीति के साथ काम हो। - राकेश जैन, अजंता कॉलोनाइजर्स
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जमीनी स्तर पर कराए शहर का विकास
मेरठ में कई विकास योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में अपार संभावनाओं का शहर मेरठ बन गया है। मेयर ऐसा हो जो हवाई नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर काम करे। शहर में 250 करोड़ की विकास योजनाओं का खाका खींचा गया, जो कागजों में ही दम तोड़ गया। आबूनाले को पाटकर पार्किंग और व्यवसायिक उपयोग का मसौदा 1984 में बना जो आज तक अटका है। - जागेश कुमार, अध्यक्ष यूपी आर्किटेक्ट एसोसिएशन