अमर उजाला के काव्य कैफे में सजी ऐसी महफिल, शाम हो गई रंगीन, कवियों ने जीता हर किसी का दिल
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कवियों के संग होली के रंग ऐसे बहे कि हर कोई डूबता चला गया। काव्य कैफे में गीत और गजलों की ऐसी महफिल सजी की शाम रंगीन हो गई। कवियों ने शृंगार रस में डूबी कविताओं से समां बांध दिया। वहीं श्रोताओं ने कवियों की प्रशंसा में तालियों का शोर कम नहीं होने दिया। मौका था बृहस्पतिवार शाम को अमर उजाला और सुभारती प्रजेंट्स काव्य कैफे पावर्ड बाई द अध्ययन स्कूल की ओर से आयोजित आओ मनाएं होली कवियों के संग कार्यक्रम का।
मेरठ में दिल्ली रोड स्थित सांगरिया होटल एंड बैंक्वेट हॉल में आयोजित काव्य कैफे में प्रख्यात कवि विष्णु सक्सेना ने अपने प्रेमगीतों से सभी का दिल जीत लिया। ‘तू जो ख्वाबों में भी आ जाए तो मेला कर दे, गम के मरूथल में भी बरसात का रेला कर दे’ से डॉ. विष्णु ने शुरूआत की। ‘याद वो है ही नहीं आए जो तन्हाई में, तेरी याद आए तो मेले में अकेला कर दे’। इन पंक्तियों पर हॉल में तालियां गूंज उठीं। मोहब्बत पर उन्होंने पढ़ा कि मेरा मुक्तक मेरे लहजे में गा लिया होगा, दर्द उसने मेरी तरह दबा लिया होगा। डॉ. विष्णु ने श्रोताओं की फरमाइश पर अपनी सबसे उम्दा कविता ‘रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा, एक आई लहर कुछ बचेगा नहीं’ भी सुनाई।
वहीं सर्वेश अस्थाना ने दहेज पर व्यंग्य किया कि भाई-बहनों ये जो मैं आपको हंसता-मुस्कराता इस्माईलमैन दिख रहा हूं, असलियत ये है कि मैं एक दहेज लोभी बाप का बेटा हूं, और हर साल किराए पर बिक रहा हूं... सुनाकर वाहवाही बटोरी। उन्होंने भ्रष्टाचार और नेता के किरदार पर व्यंग्य किया। पढ़ा कि किसी गिरगिट की नेता से तुलना करना पाप है, क्योंकि रंग बदलने के मामले में नेता गिरगिट का बाप है।
युवा कवि राजीव उर्फ साहिर ने अपनी शायरी से सभी का दिल जीत लिया। पढ़ा, मेरे ख्वाबों में यूं न आया कर, मेरी जां मत मुझे सताया कर, रोशनी तेरी कम नहीं होगी, मेरी आंखों को चूम जाया कर। दिल्ली के मौजूदा हालात पर उन्होंने पढ़ा, ‘दिल्ली की सूरत विधवा औरत सी है, कबके मर गए मांग सजाने वाले लोग। साहिर ऐसे दोस्त बहुत कम होते हैं, गोद में सर रखकर सहलाने वाले लोग’।
युवा कवि प्रदीप राठौर ने पढ़ा, ‘किस्से से गुजरे तो किरदार बने, सबकुछ बनकर देख लिया फिर यार बने। है ये सितम मैं रोया तो तनगीब मिली, जब वो रोई तो नज्म हुई अशआर बने’। कवि शुभम ने अपने परिचय में कहा, नाम है पांडे झुक कर सलाम करता हूं, शौक से कविता पेशे से आईआईटी में काम करता हूं। उन्होंने सुनाया कि ‘इश्क में खर्चे होते हैं कोई दाम नहीं आता, इश्क की वैकेंसी में पैसा काम नहीं आता’। युवा कवि सूरजमणी ने पढ़ा, ‘यह भी सच है तुम मेरी मोहब्बत में मेरी चाहत हो मेरी तपस्या हो। प्यार से बात मानती ही नहीं, तुम भी कश्मीर की समस्या हो’।
इनका हुआ सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीएम अनिल ढींगरा रहे। अध्यक्षता मेयर सुनीता वर्मा ने की। इस मौके पर डीएम ने श्री अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के टॉपर कक्षा 12 के छात्र रहदरा निवासी अभिषेक त्यागी को 50 हजार रुपये का चेक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा राष्ट्रीय बालवीर पुरस्कार से सम्मानित आरुषि शर्मा और विनायक बहादुर, वाटर हीरो अवार्ड से सम्मानित हरि विश्नोई एवं राजीव गांधी शिरोमणी अवार्ड से सम्मानित एमएस जैन का अमर उजाला ने सम्मान किया।
ये रहे हमारे सहयोगी
कार्यक्रम में द अध्ययन स्कूल से प्रियांशु अग्रवाल, साव्या ज्वैलर्स से विनय कपूर, मदरहुड यूनिवर्सिटी से विक्रांत यादव, एक्टावेल हेल्थ केयर से दीपक खंडेलवाल, रॉक डीजे से रवि माहेश्वरी, प्रिंट पैलेस से अंकित मित्तल, स्वयं मीडिया से आशीष गौतम और सांगरिया होटल से एमएस जैन शामिल रहे। इसके अलावा सुभारती विवि, एपेक्स, दास हुंडई, सुधाकर मुद्रणालय सहयोगी रहे।
ये रहे मौजूद
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता, होटल हारमनी इन के मालिक नवीन अरोड़ा, ट्रांसपोर्ट एसोएिशन अध्यक्ष गौरव शर्मा, आईआईए के चेयरमैन अनुराग अग्रवाल, भगत ज्वैलर्स से आकाश मांगलिक, पवन मित्तल, कमल ठाकुर, सरदार दलजीत सिंह, विकास गिरधर, विपुल सिंघल, तरुण गोयल, कमल भार्गव, शुभेंद्र मित्तल, पंकज भराला, सरदार राजवीर सिंह, जीतू नागपाल, अभिनव मित्तल, सुनील दुआ समेत कई गण्यमान्य मौजूद रहे।
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