फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala investigation: More than two crore dues on backward corporation

अमर उजाला पड़ताल: सामने आई सरकारी विभागों की सच्चाई, करोड़ से अधिक बकाया, फिर भी नहीं कटे बिजली कनेक्शन

Thu, 08 Oct 2020 10:57 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 08 Oct 2020 10:57 AM IST
सार

- पुलिस के अलावा अन्य सरकारी विभागों पर भी दो करोड़ से अधिक का बकाया
- कोरोना काल में सरकारी कार्यालय बंद होने के कारण भी वसूली में पिछड़ा निगम

विज्ञापन
Amar Ujala investigation: More than two crore dues on backward corporation
police station - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजली बिलों के बकाया भुगतान के मामले में पुलिस ही नहीं अन्य सरकारी विभाग भी मनमानी करने में पीछे नहीं हैं। सरकारी विभागों पर भी विद्युत निगम का दो करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान सरकारी कार्यालयों से लेकर अन्य प्रतिष्ठान बंद रहने के कारण भी विद्युत निगम राजस्व वसूली में पिछड़ गया।

विज्ञापन


तीन सप्ताह पहले ही प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने राजस्व बढ़ाने के लिए बड़े बकाएदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। निगम की टीमों ने शहर से देहात तक चलाए गए अभियान में 2300 से अधिक उपभोक्ताओं पर विद्युत चोरी और बकाया भुगतान न करने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की।
विज्ञापन


साथ ही 90 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई। इस अभियान के बाद निजीकरण की नीति के विरोध में विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो गई। इसलिए राजस्व वसूली में निगम फिर से पिछड़ गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में सरकारी विभागों पर विद्युत निगम मेहरबान है। यदि इन विभागों से ही वह वसूली कर ले तो दो करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व एक साथ मिल सकता है। मगर सरकार की सख्ती का असर आम उपभोक्ताओं तक ही नजर आता है।

यह भी पढ़ें: यूपी: डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने के शुल्क में निगम की मनमानी, गृहकर 600, कूड़ा उठाने का शुल्क 1200 रुपये

प्रमुख सरकारी विभागों में बिजली बकाया स्थिति
स्वास्थ्य विभाग       92 लाख रुपये
नगर विकास          03 लाख रुपये
परिवहन विभाग      03 लाख रुपये
राजस्व विभाग        13 लाख रुपये
कृषि विभाग           03 लाख रुपये
कृषि विपणन          12 लाख रुपये
अन्य विभाग          52 लाख रुपये
-विद्युत निगम के अनुसार सितंबर तक अनुमानित बकाया

पहले कोरोना काल, फिर हड़ताल का रहा असर
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव कहते हैं कि पहले कोरोना काल और इसके बाद कर्मचारियों की हड़ताल के कारण चेकिंग और बकाया बिल वसूली का अभियान पिछड़ गया। इसमें फिर से तेजी लाकर राजस्व वसूली बढ़ाई जाएगी। सरकारी विभागों में बजट और बिल पास होने की तकनीकी अड़चनें भी आती रहती हैं। इन्हें भी दूर कराने का प्रयास जारी है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed