फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Foundation Day, Muzaffarnagar ranks first in country in paper and jaggery industry

देश में पहले स्थान पर है यूपी का ये जिला, अमर उजाला के स्थापना दिवस पर पढ़ें खास खबर

Thu, 12 Dec 2019 02:59 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 12 Dec 2019 02:59 AM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Foundation Day, Muzaffarnagar ranks first in country in paper and jaggery industry
कोल्हू में गुड़ बनाते हुए - फोटो : अमर उजाला

पेपर और गुड़ उद्योग में मुजफ्फरनगर देश में पहले स्थान पर है। पेपर मिलों, कोल्हुओं, लोहा उद्योग और चीनी उद्योग से जिले में एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। बीते 33 सालों में उद्योगों ने अधिक तरक्की की है। जिसका साक्षी अमर उजाला रहा है। इतना जरूर हुआ है कि इस बीच एक बड़ा उद्योग क्रेशर जिले से खत्म हो गए।

विज्ञापन


पेपर में हम बने नंबर वन
मुजफ्फरनगर में पेपर उद्योग की शुरुआत 1974 में हुई, सबसे पहले यहां अग्रवाल पेपर मिल लगी। इसके बाद खुराना और सुपर पेपर मिल की स्थापना हुई। 1985 तक पेपर उद्योग में कोई खास तरक्की नहीं हुई, लेकिन इसके बाद यह उद्योग बढ़ता गया। शुरू में प्रारंभ हुई पेपर मिले तो बंद हो गई, लेकिन आधुनिक मशीनों के साथ नई पेपर मिलें लग गईं। पेपर उद्योग से जुड़े पंकज अग्रवाल बताते हैं कि इस समय हम पूरे देश में नंबर एक पर है। जिले में 30 पेपर मिले हैं। इन पेपर मिलों में वेस्ट मैटीरियल से पेपर बनाया जा रहा है। पेपर मिलों की एक साल में 15 लाख टन पेपर बनाने की क्षमता है। देश में छोटी पेपर मिल की शुरुआत इसी जिले से हुई। पेपर उद्योग से जिले में परोक्ष रूप से 15 हजार और अपरोक्ष रूप से 40 हजार रोजगार पा रहे हैं।

विज्ञापन

गुड़ उद्योग में भी देश में सबसे आगे

गुड़ उद्योग में मुजफ्फरनगर जिला देश में शुरू से ही नंबर एक पर है। इसे दूसरा कोई जिला आज तक पछाड़ नहीं पाया है। गुड़ कारोबारी संजय मित्तल और श्याम सिंह सैनी बताते हैं कि पूरे देश में गुड़ की सप्लाई यहीं से होती है। जिले में ग्रामीण क्षेत्र में चार हजार कोल्हू गुड़ बनाते हैं। इन कोल्हुओं पर 40 हजार लोगों को रोजगार मिला है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने गुड़ को जनपद एक-एक उत्पाद में शामिल किया है। एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी यहीं पर है। इसी के साथ चीनी उद्योग में जिला अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आठ चीनी मिलों में यहां गन्ना सप्लाई होता है। चीनी मिलों में भी लगभग दस हजार लोग रोजगार पा रहे हैं।

लोहा उद्योग ने दी नई पहचान
बीते 33 सालों में यहां लोहा उद्योग काफी बढ़ा है। 1980 के दशक में यहां केवल रेनबो, अरिहंत, यूपी स्टील, पालीवाल लोहा मिल थी। ये फैक्ट्री तो बंद होती चली गई, इनमें आज केवल यूपी स्टील बची है। 1985 के बाद यहां लोहा फैक्ट्री बड़ी संख्या में लगनी शुरू हुई। 1990 से 2005 तक लोहा उद्योग यहां फला फूला। यहां लोहा और स्टील की फैक्ट्री की संख्या 100 से ऊपर पहुंच गई थी। इस समय भी 50 से अधिक लोहा फैक्ट्री कार्यरत है। इनमें रोलिंग मिलों की हालत तो ठीक हैं, लेकिन इंगट फैक्ट्रियों के सामने समस्या है। कुल मिलाकर लोहा उद्योग में यहां दस हजार से अधिक लोग रोजगार पा रहे हैं।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed