एक्सक्लूसिव: प्रदूषण मानकों के उल्लंघन में एनएचएआई पर लगा बड़ा जुर्माना, ऐसे होगी कार्रवाई
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) पर बड़ा जुर्माना लगाया है। बोर्ड ने यह कार्रवाई मेरठ-बागपत राष्ट्रीय राजमार्ग 334 बी पर प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन न करने पर की है। 26 सितंबर से 7500 रुपये रोजाना के हिसाब से यह जुर्माना तब तक जारी रहेगा, जब तक एनएचएआई एनजीटी और बोर्ड के मानकों को पूरा नहीं कर लेगी।
एनसीआर में ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता प्रखर कटियार व अवर अभियंता एसपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने 26 और 28 सितंबर को राजमार्ग की निरीक्षण किया था। इस दौरान बागपत के मुख्य चौराहे से अपर गंगनहर तक कार्य हो रहा था। किसी भी स्थान पर एंटी स्मोक गन व पानी के छिड़काव की व्यवस्था नहीं थी। धूल के गुबार से हवा की गुणवत्ता खराब हो रही थी।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार से मामले में कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजा था। इस पत्र के आधार पर एनएचएआई को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ 7500 रुपये रोजाना की दर से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है। जांच में मिली खामियां दूर करने के लिए 15 दिन का समय देने के साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि खामियां दूर नहीं किए जाने तक जुर्माना लगता रहेगा। एनएचएआई पर अब तक करीब 75 हजार रुपये का जुर्माना लग चुका है।
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एनएच-58 पर भी मिलीं खामियां, जुर्माने का नोटिस भेजा
एनएच-58 पर कृष्णा कंट्रक्शन द्वारा कार्य किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निरीक्षण की टीम को यहां भी खामियां मिलीं। अधिकारियों के अनुसार परतापुर तिराहा, श्रद्धापुरी अंडरपास, मोदीपुरम फ्लाईओवर, डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर पर धूल उत्सर्जित कणों के नियंत्रण के लिए किसी भी तरह के इंतजाम मौके पर नहीं पाए गए। इसमें भी पर्यावरणरीय क्षतिपूर्ति और कारण बताओ नोटिस के लिए पत्र मुख्यालय भेज दिया गया है। जुर्माना लगने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
40 किमी का है हाईवे
मेरठ से बागपत तक 40 किमी के इस हाईवे पर पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी की जा रही है। वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम न होने से मेरठ नॉन एटेनमेंट सिटी में शामिल हो गया है।
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