{"_id":"60da15fc6146316c10271d06","slug":"amar-ujala-exclusive-not-a-single-anesthesia-doctor-on-a-population-of-ten-lakh-in-baraut-up-patients-rush-to-delhi-for-treatment","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला एक्सक्लूसिव : 10 लाख की आबादी पर नहीं एक भी एनेस्थीसिया का चिकित्सक, इलाज के लिए दिल्ली को दौड़ते हैं मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला एक्सक्लूसिव : 10 लाख की आबादी पर नहीं एक भी एनेस्थीसिया का चिकित्सक, इलाज के लिए दिल्ली को दौड़ते हैं मरीज
Tue, 29 Jun 2021 12:03 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुकेश पंवार, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुकेश पंवार, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 29 Jun 2021 12:03 AM IST
सार
सीएचसी व पीएचसी में कोई आपरेशन वाला मरीज आ गया तो उसे एनेस्थीसिया के डॉक्टर के अभाव में रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन
घायल व्यक्ति - प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के छह ब्लाक की लगभग 10 लाख की आबादी पर एक भी एनेस्थीसिया के डॉक्टर तैनात नहीं है। जिस कारण वर्षो से सीएचसी और पीएचसी पर आपरेशन की कोई सुविधा नहीं है। यहीं कारण है कि यहां के मरीजों को मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद समेत सोनीपत आदि जगहों पर दौड़ लगानी पड़ रही है। बावजूद इसके न तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस ओर ध्यान दे रहे है और न ही जनप्रतिनिधि।
विज्ञापन
बता दें कि जनपद में छह ब्लाक बड़ौत, बिनौली, छपरौली, पिलाना, खेकड़ा व बागपत है। इसके अलावा जनपद में दर्जनों प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित होते हैं, जहां छोटे-बड़े आपरेशन किया जाता है, लेकिन सीएचसी व पीएचसी पर एनेस्थीसिया डॉक्टर के अभाव में आपरेशन नहीं किया जाता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन छह ब्लाक में एक भी एनेस्थीसिया के डॉक्टर नहीं हैं। ऐसी स्थिती में यदि इन सीएचसी व पीएचसी में कोई आपरेशन वाला मरीज आ गया तो उसे बेहोशी के डॉक्टर के अभाव में रेफर कर दिया जाता है। इससे वह प्राइवेट नर्सिंग होम में आपरेशन करवाने के लिए लाचार व विवश होता है। यहां आर्थिक, शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता है।
एनेस्थीसिया है क्या
मरीज की किसी तरह की जांच या ऑपरेशन के दौरान शरीर के किसी भाग को सुन्न करने के लिए या मरीज को सुलाने के लिए जिसका उपयोग किया जाता है उसे ही एनेस्थीसिया कहते है।
ये बोले सीएचसी अधीक्षक
इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक बड़ौत डा विजय कुमार, छपरौली सीएचसी अधीक्षक डा राजकमल से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि जनपद के इन छह ब्लाकों में एक भी एनेस्थीसिया डॉक्टर तैनात नहीं है।
एनेस्थीसिया डॉक्टर के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आपरेेशन नहीं हो पा रहा है। एनेस्थीसिया डाॅक्टरों की डिमांड के लिए सीएमओ के माध्यम से शासन-प्रशासन को पत्रक भेजा गया है।
एनेस्थीसिया है क्या
मरीज की किसी तरह की जांच या ऑपरेशन के दौरान शरीर के किसी भाग को सुन्न करने के लिए या मरीज को सुलाने के लिए जिसका उपयोग किया जाता है उसे ही एनेस्थीसिया कहते है।
ये बोले सीएचसी अधीक्षक
इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक बड़ौत डा विजय कुमार, छपरौली सीएचसी अधीक्षक डा राजकमल से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि जनपद के इन छह ब्लाकों में एक भी एनेस्थीसिया डॉक्टर तैनात नहीं है।
एनेस्थीसिया डॉक्टर के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आपरेेशन नहीं हो पा रहा है। एनेस्थीसिया डाॅक्टरों की डिमांड के लिए सीएमओ के माध्यम से शासन-प्रशासन को पत्रक भेजा गया है।