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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Exclusive: dream of building a house became 30 percent expensive, iron prices caught fire, GST increased trouble

अमर उजाला एक्सक्लूसिव: 30 फीसदी महंगा हुआ आशियाना बनाने का सपना, लोहे के दामों में लगी आग, जीएसटी ने बढ़ाई मुसीबत 

Wed, 05 Jan 2022 01:58 PM IST
Dimple Sirohi आशुतोष भारद्वाज , अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
आशुतोष भारद्वाज , अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 05 Jan 2022 01:58 PM IST
सार

ईंट से लेकर रेत डस्ट रोड़ी और सीमेंट तक की कीमतों में उछाल आने से घर बनाने का सपना महंगा हो गया है। कई प्रतिबंध और जीएसटी की बढ़ोतरी को कीमतों में उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।

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Amar Ujala Exclusive: dream of building a house became 30 percent expensive, iron prices caught fire, GST increased trouble
आवास - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ घर बनाने का सपना वर्ष 2021 के मुकाबले 2022 में 30 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। ईंट, रेत, डस्ट, सीमेंट, लोहे के दाम भी बढ़ गए हैं। कई प्रतिबंध और जीएसटी की बढ़ोतरी को कीमतों में उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। ईट निर्माता संघ का दावा है कि प्रतिबंधों के कारण मार्च में प्रति हजार ईट का रेट 7 हजार तक पहुंच जाएगा।

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ईंट भट्ठों के चलने का समय पूर्व के वर्षों में अक्तूबर से मई तक आठ माह के लिए होता था। ऐसे में ईंट भट्ठे आठ माह चलते थे। जून से सितंबर तक ईंट भट्ठे बंद रहते थे। अब नए आदेश के बाद मार्च से जून तक सिर्फ चार माह के लिए भट्ठे चलेंगे। मेरठ जनपद ईंट निर्माता संघ के प्रवक्ता संजय गोयल गोदावरी ने बताया कि भट्ठों के चलने का समय कम हो गया है। 
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इसके साथ ही जमीन के मुआवजा और भट्ठे का किराया पूर्व की भांति है। पहले संचालक 8 माह में 50 लाख ईंट बनाते थे और चार माह भट्ठा चलने के कारण सिर्फ 25 लाख ही ईंट बनाई जा सकेंगी। अध्यक्ष केपी सिंह ने बताया कि 4 माह भट्टे चलेंगे और लेबर कास्ट 100 से 150 रुपये तक बढ़ गई है। ऐसे में 30 प्रतिशत तक लेबर की लागत में इजाफा हुआ है।
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ईंट पर जीएसटी भी बढ़ाया  
ईंट पर जीएसटी कंपाउंडिंग में पहले 1.5 करोड़ पर 1 प्रतिशंत टैक्स लगता था। इसे कंपाउंडिंग में घटाकर 20 लाख कर दिया गया है और टैक्स 6 प्रतिशत कर दिया गया है। बिना कंपाउडिंग पर टैक्स जो टैक्स 5 प्रतिशत था उसे बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। कोयले के रेट में भी इजाफा हो गया है। भारत में कोयले के खनन पर प्रतिबंध है। ऐसे में कोयला इंपोर्ट होकर आता है। पहले कोयला 12 हजार रुपये टन था अब 20 हजार टन है।

सीमेंट भी महंगा 
सीमेंट और डस्ट व्यापारी मोहित चौहान ने बताया कि रेत, डस्ट, सीमेंट, लोहा और सरिया सभी के भाव में 20 से 35 प्रतिशत तक बढ़ गये हैं। कच्चे माल की कीमत और पेट्रोल डीजल के बढ़े रेट   के कारण सभी चीजों के भाव में   इजाफा हो गया है।

मार्च में और बढ़ेंगे ईंट के रेट
वर्तमान में ईंट भट्टे बंद है। अभी पुरानी ईंट ही प्रयोग की जा रही हैं। ईंट भट्टा एसोसिएशन के महामंत्री पवन मित्तल ने बताया कि वर्तमान में अव्वल ईंट का भाव 5400 है जो बढ़कर 6500 से 7000 के बीच हो जाएगा। 

ऐसे बढ़े दाम
सामान     2021    2022
ईंट अव्वल     4800    5400

प्रति हजार
 रेत कुंतल    65    90
 डस्ट कुंतल    85    105
 लोहा किलो    65    95
 सरिया किलो    45    60

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