अमर उजाला अभियान शिक्षा: नया सत्र शुरू, छात्रों को वापस पटरी पर लाने में जुटे शिक्षक
नए सत्र में शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई के कारण आई कमि को सुधारेंगे, मेडिटेशन व वॉल आर्ट का सहारा लेते हुए बच्चों में रिडिंग एवं लेखनी स्किलस को बढ़ाएंगे।
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सभी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरु हो चुका है। जिसके साथ ही केजी से 12वीं तक सभी कक्षाएं शुरु हो गई हैं। ऑनलाइन से सीधे ऑफलाइन मोड में आने के बाद नौनिहालों को मजबूती देने के लिए शिक्षकों ने भी कमर कस ली है। शिक्षक अपनी कक्षाओं में कमजोर बच्चों को चयनित कर उन पर खासतौर से ध्यान दे रहे हैं। साथ ही बच्चों को शारीरिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है।
दो साल तक ऑनलाइन पढ़ाई कर स्कूल पहुंचे केजी और कक्षा एक के बच्चों को शारीरिक और मानसिक मजबूती देने के लिए स्कूलों ने कवायद शुरु कर दी है। छोटे बच्चों को तनाव और अवसाद से बचाने का कार्य भी किया जा रहा है। इसके लिए कक्षाओं में आधा या एक घंटा अलग से निकालकर मेडिटेशन और शारीरिक गतिविधियां कराई जा रही हैं। पिछले दो सालों में बच्चों की लेखनी सहित अन्य स्किल्स जो छूट गई हैं, उन्हें भी दोबारा विकसित किया जा रहा है। स्कूलों में सुबह और दोपहर एक घंटे का विशेष पीरियड भी इसके लिए रखा गया है।
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रीडिंग स्किल सुधारने के लिए स्कूलों की वॉल को पेंट
नए सत्र से स्कूल पहुंचे बच्चों में रीडिंग स्किल्स की कमी देखी गई। जिसके बाद स्कूलों में दीवारों पर वर्ड आर्ट से कवर किया गया है। कॉरिडोर की दीवारों पर पेंटिंग कर बच्चों की शब्दावली सुधारी जा रही है। शिक्षकों के सहयोग से जल्द ही नौनिहाल वापिस रूटीन में लौटेंगे।
मेडिटेशन का लिया जा रहा सहारा
बच्चों को मानसिक मजबूती के लिए मेडिटेशन क्लास भी शुरु की है। साथ ही शरीरिक गतिवधियां भी कराई जा रही हैं। बच्चों की शब्दावली मजबूत करने के लिए स्कूल के कॉरिडोर पर वर्ड पेंटिंग की गई है। इससे बच्चों की रीडिंग स्किल्स मजबूत होगी। - संगीता भसीन, शिक्षिका, सीजेडीएवी
लेखनी सुधारने की कवायद शुरु
ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों को क्लासरूम जैसा माहौल कभी नहीं मिल सका। नए सत्र से आए बच्चों की लेखनी पर शुरु से ही ध्यान देना शुरु कर दिया है। छोटे बच्चों के बेसिक्स पर भी ध्यान दिया जा रहा है। - जितेंद्र कुमार, शिक्षक, केवी सिख लाइंस