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Meerut News: अमर उजाला अभियान...प्रतिबंधित मांझे से आसमान उड़ रहीं है पतंग
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Note.. अमर उजाला अभियान
.. व्यापार संघ ने डीएम से की कार्रवाई की मांग, दिया ज्ञापन
.. दोपहर बाद आसमान में छा जाती हैं पतंगें, राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
शहर में प्रतिबंधित मांझे से पतंगबाजी का सिलसिला जारी है। दोपहर दो बजे के बाद शहर के कई इलाकों में पूरा आसमान पतंगों से घिर जाता है। पतंग कटने के बाद मांझा सड़कों और रास्तों पर गिरने से दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। दिल्ली रोड, घंटाघर, शारदा रोड, हापुड़ रोड, लिसाड़ी क्षेत्र, गोला कुआं और मेहताब सिनेमा हॉल के आसपास पतंगबाजी का अधिक असर बताया गया है।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन को लिखित पत्र दिया गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मेरठ पुलिस को सक्रिय करने और सभी थाना प्रभारियों को प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के साथ-साथ इसका इस्तेमाल कर पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।
नवीन गुप्ता ने कहा कि मेरठ में सितंबर से मार्च तक पतंग उड़ाने का माहौल रहता है। पिछले कुछ वर्षों से प्रतिबंध मांझे का इस्तेमाल बढ़ा है। पतंग कटने के बाद मांझा सड़कों पर गिर जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर घायल होते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में रेलवे रोड चौराहे पर भी चाइनीज मांझे से एक राहगीर घायल हुआ था।
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संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री संजय जैन ने भी प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देकर समय रहते कार्रवाई की मांग की गई है। इससे 2026 में दशलक्षण पर्व के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित मांझे पर रोक लगाना ही इस समस्या का समाधान है।
नवीन गुप्ता ने कहा कि पतंगबाजी शहर की परंपरा है। संगठन पतंगबाजी पर प्रतिबंध लगाने की मांग नहीं कर रहा है। केवल प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की जा रही है।
इस मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री दलजीत सिंह भी नवीन गुप्ता के साथ रहे।
उधर, प्रतिबंधित मांझे पर रोक लगाने के लिए गढ़ रोड व्यापारी विपुल सिंघल, खंदक व्यापारी अंकुर गोयल, कंकरखेड़ा व्यापारी संजीव जिंदल और हापुड़ अड्डा व्यापारी अकरम गाजी ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है।
.. व्यापार संघ ने डीएम से की कार्रवाई की मांग, दिया ज्ञापन
.. दोपहर बाद आसमान में छा जाती हैं पतंगें, राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
शहर में प्रतिबंधित मांझे से पतंगबाजी का सिलसिला जारी है। दोपहर दो बजे के बाद शहर के कई इलाकों में पूरा आसमान पतंगों से घिर जाता है। पतंग कटने के बाद मांझा सड़कों और रास्तों पर गिरने से दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। दिल्ली रोड, घंटाघर, शारदा रोड, हापुड़ रोड, लिसाड़ी क्षेत्र, गोला कुआं और मेहताब सिनेमा हॉल के आसपास पतंगबाजी का अधिक असर बताया गया है।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन को लिखित पत्र दिया गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मेरठ पुलिस को सक्रिय करने और सभी थाना प्रभारियों को प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के साथ-साथ इसका इस्तेमाल कर पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।
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नवीन गुप्ता ने कहा कि मेरठ में सितंबर से मार्च तक पतंग उड़ाने का माहौल रहता है। पिछले कुछ वर्षों से प्रतिबंध मांझे का इस्तेमाल बढ़ा है। पतंग कटने के बाद मांझा सड़कों पर गिर जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर घायल होते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में रेलवे रोड चौराहे पर भी चाइनीज मांझे से एक राहगीर घायल हुआ था।
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संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री संजय जैन ने भी प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देकर समय रहते कार्रवाई की मांग की गई है। इससे 2026 में दशलक्षण पर्व के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित मांझे पर रोक लगाना ही इस समस्या का समाधान है।
नवीन गुप्ता ने कहा कि पतंगबाजी शहर की परंपरा है। संगठन पतंगबाजी पर प्रतिबंध लगाने की मांग नहीं कर रहा है। केवल प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की जा रही है।
इस मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री दलजीत सिंह भी नवीन गुप्ता के साथ रहे।
उधर, प्रतिबंधित मांझे पर रोक लगाने के लिए गढ़ रोड व्यापारी विपुल सिंघल, खंदक व्यापारी अंकुर गोयल, कंकरखेड़ा व्यापारी संजीव जिंदल और हापुड़ अड्डा व्यापारी अकरम गाजी ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है।