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Meerut News: नमामि गंगे के नाम पर गंगा से खिलवाड़ का आरोप, मुख्यमंत्री से की शिकायत
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श्री क्षत्रिय राजा अनंगपाल तोमर गो रक्षक सेवा समिति ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। नमामि गंगे परियोजना के नाम पर गंगा नदी को प्रदूषित किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए श्री क्षत्रिय राजा अनंगपाल तोमर गो रक्षक सेवा समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत पत्र भेजा है।
समिति का कहना है कि गंगा की सरकारी भूमि पर बिना अनुमति प्लेज, गेहूं (चारा) की फसल उगाई जा रही है, जिसमें मुर्गा-मुर्गी की बीट का प्रयोग खाद के रूप में किया जा रहा है। इससे गंगा में विषाणुजनित प्रदूषण और दुर्गंध फैल रही है।
समिति अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर ने बताया कि थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव मिर्जापुर में जिला मुजफ्फरनगर के ठेकेदारों द्वारा करीब 400 मजदूरों से डेरा डालकर प्लेज की खेती कराई जा रही है। मजदूर खुले में शौच कर रहे हैं, जिससे गंगा का जल और अधिक दूषित हो रहा है। शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
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शिकायत में कहा गया कि गांव मिर्जापुर के समीप मां भद्रकाली का मेला प्रत्येक सोमवार को लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। लेकिन दुर्गंध और प्रदूषण के कारण श्रद्धालु स्नान से वंचित हो रहे हैं। इससे धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंच रही है।
समिति ने वन विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जलालपुर जोरा और मिर्जापुर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा पौधरोपण न कराकर भूमि ठेकेदारों को निजी लाभ के लिए जमीन दे दी गई है। गोरक्षक सेवा समिति ने दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई, गंगा किनारे अवैध खेती पर रोक, वन भूमि में केवल पौधरोपण कराने और नमामि गंगे अभियान को वास्तविक रूप से लागू कराने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। नमामि गंगे परियोजना के नाम पर गंगा नदी को प्रदूषित किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए श्री क्षत्रिय राजा अनंगपाल तोमर गो रक्षक सेवा समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत पत्र भेजा है।
समिति का कहना है कि गंगा की सरकारी भूमि पर बिना अनुमति प्लेज, गेहूं (चारा) की फसल उगाई जा रही है, जिसमें मुर्गा-मुर्गी की बीट का प्रयोग खाद के रूप में किया जा रहा है। इससे गंगा में विषाणुजनित प्रदूषण और दुर्गंध फैल रही है।
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समिति अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर ने बताया कि थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव मिर्जापुर में जिला मुजफ्फरनगर के ठेकेदारों द्वारा करीब 400 मजदूरों से डेरा डालकर प्लेज की खेती कराई जा रही है। मजदूर खुले में शौच कर रहे हैं, जिससे गंगा का जल और अधिक दूषित हो रहा है। शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
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शिकायत में कहा गया कि गांव मिर्जापुर के समीप मां भद्रकाली का मेला प्रत्येक सोमवार को लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। लेकिन दुर्गंध और प्रदूषण के कारण श्रद्धालु स्नान से वंचित हो रहे हैं। इससे धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंच रही है।
समिति ने वन विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जलालपुर जोरा और मिर्जापुर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा पौधरोपण न कराकर भूमि ठेकेदारों को निजी लाभ के लिए जमीन दे दी गई है। गोरक्षक सेवा समिति ने दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई, गंगा किनारे अवैध खेती पर रोक, वन भूमि में केवल पौधरोपण कराने और नमामि गंगे अभियान को वास्तविक रूप से लागू कराने की मांग की है।