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नंगला आर्डर में राशन एजेंसी के चुनाव में धांधली का आरोप, तहसील में किया हंगामा
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सरधना। नंगला आर्डर गांव में राशन एजेंसी चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने तहसील म
सरधना। तहसील क्षेत्र के गांव नंगला आर्डर में राशन एजेंसी को लेकर हुए चुनाव में धांधली किए जाने का आरोप है। गांव से महिला-पुरुष ट्रैक्टर-ट्राॅली में सवार होकर तहसील पहुंचे और हंगामा प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही फर्जी तरीके से की गई नियुक्ति को रद्द कराने तथा पुनः मतदान कराए जाने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में गांव की राशन डीलरशिप सौरण के नाम थी, जिसे प्रशासन द्वारा निरस्त कर दिया गया था। नई डीलरशिप के लिए 3 अगस्त को मतदान निर्धारित किया गया था। ग्रामीण जब मतदान के लिए स्कूल प्रांगण में पहुंचे तो अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि चुनाव रद्द कर दिया गया है और अगली तिथि पर मतदान की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद सभी अपने घर लौट गए, लेकिन अधिकारियों ने कथित रूप से स्कूल में ताला लगाकर कुछ लोगों की मिलीभगत से गुपचुप तरीके से फर्जी मतदान करा लिया और डीलरशिप रीना पत्नी रविंद्र के नाम कर दी गई।
इस प्रकरण की जानकारी ग्रामीणों को मिली तो उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया और उपजिलाधिकारी से तत्काल प्रभाव से डीलरशिप आवंटन की प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। साथ ही मांग की गई कि किसी उच्चाधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष रूप से दोबारा मतदान कराया जाए, ताकि सही प्रतिनिधि का चयन हो सके। ग्रामीणों ने कहा कि यह कार्रवाई गांव की जनता के अधिकारों का हनन है। यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो वह जिलाधिकारी कार्यालय तक धरना देने को बाध्य होंगे। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने मामले में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में गांव की राशन डीलरशिप सौरण के नाम थी, जिसे प्रशासन द्वारा निरस्त कर दिया गया था। नई डीलरशिप के लिए 3 अगस्त को मतदान निर्धारित किया गया था। ग्रामीण जब मतदान के लिए स्कूल प्रांगण में पहुंचे तो अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि चुनाव रद्द कर दिया गया है और अगली तिथि पर मतदान की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद सभी अपने घर लौट गए, लेकिन अधिकारियों ने कथित रूप से स्कूल में ताला लगाकर कुछ लोगों की मिलीभगत से गुपचुप तरीके से फर्जी मतदान करा लिया और डीलरशिप रीना पत्नी रविंद्र के नाम कर दी गई।
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इस प्रकरण की जानकारी ग्रामीणों को मिली तो उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया और उपजिलाधिकारी से तत्काल प्रभाव से डीलरशिप आवंटन की प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। साथ ही मांग की गई कि किसी उच्चाधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष रूप से दोबारा मतदान कराया जाए, ताकि सही प्रतिनिधि का चयन हो सके। ग्रामीणों ने कहा कि यह कार्रवाई गांव की जनता के अधिकारों का हनन है। यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो वह जिलाधिकारी कार्यालय तक धरना देने को बाध्य होंगे। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने मामले में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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