फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Allegations of irregularities in warehouse allocation and acts of vandalism; demand for an investigation.

Meerut News: गोदाम आवंटन में अनियमितता, तोड़फोड़ के आरोप, जांच की मांग

Fri, 23 Oct 2026 06:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 06:42 PM IST
विज्ञापन
Allegations of irregularities in warehouse allocation and acts of vandalism; demand for an investigation.
खरखौदा में सहकारी संघ वह गोदाम जिसकी शिकायत की गई है (शिकायतकर्ता)
- मेरठ सहित लखनऊ तक भेजी गई शिकायत
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। खरखौदा सहकारी संघ के दवाई गोदाम के आवंटन में अनियमितता, भवन में तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति से सामान निकालने के आरोप लगे हैं। गांव सेतकुआं निवासी सियानंद सिंह ने सहकारी समितियां मेरठ मंडल के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक को शिकायत भेजी है। उन्होंने गोदाम का आवंटन निरस्त करने, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में निजी ठेकेदार आदेश कुमार को बिना खुली निविदा और सार्वजनिक मुनादी के न्यूनतम दर पर गोदाम आवंटित करने का आरोप है। ठेका मिलने के बाद भवन के मूल ढांचे में तकनीकी नियमों की अनदेखी कर तोड़फोड़ की गई। भवन में लगी लकड़ी की खिड़कियां और दरवाजे कथित तौर पर निकालकर ले जाए गए। इससे भवन की मजबूती प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। सियानंद सिंह ने उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 की धारा 65 के तहत जांच की मांग की है। उन्होंने संपत्ति, वित्तीय अनियमितताओं और संबंधित अभिलेखों की जांच का आग्रह किया है। परिसर का भौतिक निरीक्षण तथा नुकसान की जिम्मेदारी तय कर क्षतिपूर्ति वसूलने की भी मांग की गई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का हवाला दिया है। उन्होंने गोदाम का आवंटन तत्काल निरस्त करने की मांग की है। मौके का निरीक्षण कर अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान कराने को कहा गया है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सामान चोरी करने के आरोपों में संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों ने 10 वर्षों के लिए मात्र 1500 रुपये प्रति माह किराए पर दुकान दी है। जबकि इसका बाजार मूल्य 8000 से 10 हजार रुपये प्रति माह है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सहायक निबंधक सहकारिता विभाग अमित त्यागी ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद यदि आरोप सिद्ध होता है तो संलिप्त सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समिति के एमडी जयशंकर पांडे ने बताया कि यह प्रस्ताव जिले के अधिकारियों की सहमति पर बना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed