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Meerut News: पट्टा भूमि का अवैध विक्रय करने का आरोप, निरस्तीकरण की मांग
Fri, 20 Feb 2026 06:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 20 Feb 2026 06:58 PM IST
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सरधना। तहसील क्षेत्र के गांव सिवाया में अनुसूचित जाति के आवंटित पट्टा भूमि के अवैध विक्रय का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी योजना के तहत चतर सिंह नाम के लाभार्थी को दी गई पट्टा भूमि को बिना प्रशासनिक अनुमति के सामान्य श्रेणी की महिला को बेच दिया गया। इस संबंध में पूर्व पंचायत सदस्य चरनु ने जिलाधिकारी (डीएम) को प्रार्थना पत्र सौंपकर पट्टों को निरस्त करने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि गांव सिवाया में अनुसूचित जाति के लाभार्थी चतर सिंह को बोजोत के लिए पट्टा भूमि आवंटित की गई थी। आरोप है कि यह पट्टा भूमि नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के सामान्य वर्ग की महिला को विक्रय कर दी गई। चकबंदी के दौरान इस भूमि को फर्जी तरीके से आबादी घोषित किया गया, जबकि यह भूमि विशेष रूप से अनुसूचित जाति के लिए आवंटित की गई थी। पूर्व पंचायत सदस्य ने भूमि के विक्रय के कारण सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है, क्योंकि भूमि क्रेता के नाम पर खतौनी दर्ज हो चुकी है। उन्होंने जिलाधिकारी से पट्टों के निरस्तीकरण की कार्रवाई करने और अवैध विक्रय की जांच करने की अपील की है, ताकि इस भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। संवाद
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प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि गांव सिवाया में अनुसूचित जाति के लाभार्थी चतर सिंह को बोजोत के लिए पट्टा भूमि आवंटित की गई थी। आरोप है कि यह पट्टा भूमि नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के सामान्य वर्ग की महिला को विक्रय कर दी गई। चकबंदी के दौरान इस भूमि को फर्जी तरीके से आबादी घोषित किया गया, जबकि यह भूमि विशेष रूप से अनुसूचित जाति के लिए आवंटित की गई थी। पूर्व पंचायत सदस्य ने भूमि के विक्रय के कारण सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है, क्योंकि भूमि क्रेता के नाम पर खतौनी दर्ज हो चुकी है। उन्होंने जिलाधिकारी से पट्टों के निरस्तीकरण की कार्रवाई करने और अवैध विक्रय की जांच करने की अपील की है, ताकि इस भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। संवाद
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