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Meerut News: सफाई कर्मियों के शोषण का आरोप, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
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सरधना। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों के उत्पीड़न के संबंध में
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
संगठन के शाखा अध्यक्ष सुगन चंद धिंगान ने ज्ञापन में बताया कि कर्मचारियों से निर्धारित समय से अधिक काम लिया जा रहा है लेकिन अतिरिक्त समय का भुगतान नहीं किया जा रहा। रात्रि में भी ड्यूटी लगाई जा रही है, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा बना रहता है। आरोप लगाया गया कि संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश, समान वेतन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं, जिससे उनमें रोष व्याप्त है।
यूनियन ने बकाया वेतन का भुगतान, बेहतर गुणवत्ता की वर्दी और जूते उपलब्ध कराने, मृत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का निस्तारण, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और आवास सुविधा देने की मांग उठाई। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की भी मांग की गई। यूनियन ने प्रशासन को 15 दिन का समय देते हुए स्पष्ट किया कि यदि 20 अप्रैल तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 21 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। शुरुआत सांकेतिक भूख हड़ताल से की जाएगी।
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सरधना। नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
संगठन के शाखा अध्यक्ष सुगन चंद धिंगान ने ज्ञापन में बताया कि कर्मचारियों से निर्धारित समय से अधिक काम लिया जा रहा है लेकिन अतिरिक्त समय का भुगतान नहीं किया जा रहा। रात्रि में भी ड्यूटी लगाई जा रही है, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा बना रहता है। आरोप लगाया गया कि संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश, समान वेतन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं, जिससे उनमें रोष व्याप्त है।
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यूनियन ने बकाया वेतन का भुगतान, बेहतर गुणवत्ता की वर्दी और जूते उपलब्ध कराने, मृत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का निस्तारण, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और आवास सुविधा देने की मांग उठाई। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की भी मांग की गई। यूनियन ने प्रशासन को 15 दिन का समय देते हुए स्पष्ट किया कि यदि 20 अप्रैल तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 21 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। शुरुआत सांकेतिक भूख हड़ताल से की जाएगी।
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