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चुनावी रण में सब दागी : अतुल पर 37, योगेश वर्मा पर 31 और मनिंदरपाल पर 24 केस, जनता बोली-मंजूर हैं
Thu, 20 Jan 2022 04:13 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 20 Jan 2022 04:13 PM IST
सार
चुनावी रण में सब राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों पर दाग हैं, लेकिन ये अपने अपने क्षेत्रों में लोकप्रिय हैं। भाजपा और सपा ने अपने प्रत्याशियों के मामले सोशल मीडिया पर साझा किए हैं।
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योगेश वर्मा का फाइल फोटो
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विस्तार
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशियों के आपराधिक मामलों का ब्योरा सोशल मीडिया में सार्वजनिक किया है। अधिकतर प्रत्याशियों पर दर्ज मामलों की वजह पार्टियों ने राजनीतिक द्वेष को बताया है। टिकट देने के पीछे उनके लोकप्रिय होने का तर्क दिया है।
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समाजवादी पार्टी ने अपने अधिकृत ट्विटर हैंडल पर किठौर प्रत्याशी शाहिद मंजूर, मेरठ दक्षिण प्रत्याशी आदिल चौधरी, हस्तिनापुर प्रत्याशी योगेश वर्मा, सिवालखास प्रत्याशी हाजी गुलाम मोहम्मद और सरधना प्रत्याशी अतुल प्रधान पर दर्ज मामलों की जानकारी दी है। इन प्रत्याशियों से शपथ पत्र भरवाए गए थे, जिसमें उन्हें यह बताना था कि उन पर कितने और किस तरह के मुकदमे हैं।
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पार्टी ने मामले दर्ज होने के बावजूद प्रत्याशियों को टिकट देने के पीछे इसकी वजह भी बताते हुए कहा है कि यह लोकप्रिय हैं। इनका बचाव करते हुए पार्टी ने लिखा है कि अधिकांश मामले राजनीतिक रंजिश में दर्ज कराए गए हैं। साथ ही प्रत्याशियों के प्रोफाइल और उनके द्वारा पूर्व में लड़े गए चुनावों का जिक्र करते हुए उन्हें लोकप्रिय बताया है।
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योगेश वर्मा के बारे में लिखा है कि स्थानीय लोगों ने उनकी सराहना की है। गुलाम मोहम्मद को काफी पढ़ा-लिखा बताया है। आदिल चौधरी के बारे में बताया है कि उन्होंने कोरोना काल में गरीबों को मुफ्त में ऑक्सीजन और दवा दिलाई। शाहिद मंजूर को हमेशा जनता के बीच बताया है।
यह भी पढ़ें : कांग्रेस प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी: मेरठ कैंट से भाजपा को चुनौती देंगे जिलाध्यक्ष अवनीश काजला, मुजफ्फरनगर में बदले समीकरण
भाजपा के भी प्रत्याशियों पर दर्ज हैं मामले
भाजपा ने भी पार्टी वेबसाइट पर अपने प्रत्याशियों पर दर्ज मुकदमों की जानकारी अपलोड कर दी है। भाजपा ने इनको प्रत्याशी बनाए जाने का कारण लिखा है कि ये अधिकतर दर्ज मुकदमे राजनीतिक हैं। ये जनता के लोकप्रिय नेता हैं, ऐसे में पार्टी ने इनको प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा ने जो जानकारी अपलोड की है उसके मुताबिक हस्तिनापुर से प्रत्याशी दिनेश खटीक के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। सरधना से प्रत्याशी संगीत सोम के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। सिवालखास से प्रत्याशी मनिंदरपाल सिंह के खिलाफ 24 मुकदमे दर्ज हैं।
किठौर से प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी के खिलाफ दो मुकदमे हैं। कैंट से प्रत्याशी पूर्व विधायक अमित अग्रवाल के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। दक्षिण से प्रत्याशी डॉ. सोमेंद्र तोमर के खिलाफ चार मुकदमे हैं। शहर सीट से प्रत्याशी कमलदत्त शर्मा के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं।
भाजपा ने भी पार्टी वेबसाइट पर अपने प्रत्याशियों पर दर्ज मुकदमों की जानकारी अपलोड कर दी है। भाजपा ने इनको प्रत्याशी बनाए जाने का कारण लिखा है कि ये अधिकतर दर्ज मुकदमे राजनीतिक हैं। ये जनता के लोकप्रिय नेता हैं, ऐसे में पार्टी ने इनको प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा ने जो जानकारी अपलोड की है उसके मुताबिक हस्तिनापुर से प्रत्याशी दिनेश खटीक के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। सरधना से प्रत्याशी संगीत सोम के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। सिवालखास से प्रत्याशी मनिंदरपाल सिंह के खिलाफ 24 मुकदमे दर्ज हैं।
किठौर से प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी के खिलाफ दो मुकदमे हैं। कैंट से प्रत्याशी पूर्व विधायक अमित अग्रवाल के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। दक्षिण से प्रत्याशी डॉ. सोमेंद्र तोमर के खिलाफ चार मुकदमे हैं। शहर सीट से प्रत्याशी कमलदत्त शर्मा के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं।
सपा सार्वजनिक किए यह मामले:
उम्मीदवार दर्ज मामले
अतुल प्रधान 37
योगेश वर्मा 31
गुलाम मोहम्मद 03
आदिल चौधरी 02
शाहिद मंजूर 01
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दे रहे विवरण
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग ने सभी दलों के लिए प्रत्याशी घोषित करने के 48 घंटे के भीतर उनका पूरा आपराधिक इतिहास (अगर है तो) सार्वजनिक करना जरूरी कर दिया है। दलों को यह भी बताना होगा कि आपराधिक छवि का उम्मीदवार क्यों चुना? इसी के तहत राजनीतिक दल कोर्ट के आदेश के तहत अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारने के संबंध में विवरण दे रहे हैं।
भाजपा के मुताबिक पार्टी प्रत्याशियों पर दर्ज मामले:
मनिंदरपाल चुनाव: 24
संगीत सोम: 6
अमित अग्रवाल:6
कमलदत्त शर्मा: 6
डॉ. सोमेन्द्र तोमर: 4
दिनेश खटीक: 3
सत्यवीर त्यागी: 2
उम्मीदवार दर्ज मामले
अतुल प्रधान 37
योगेश वर्मा 31
गुलाम मोहम्मद 03
आदिल चौधरी 02
शाहिद मंजूर 01
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दे रहे विवरण
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग ने सभी दलों के लिए प्रत्याशी घोषित करने के 48 घंटे के भीतर उनका पूरा आपराधिक इतिहास (अगर है तो) सार्वजनिक करना जरूरी कर दिया है। दलों को यह भी बताना होगा कि आपराधिक छवि का उम्मीदवार क्यों चुना? इसी के तहत राजनीतिक दल कोर्ट के आदेश के तहत अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारने के संबंध में विवरण दे रहे हैं।
भाजपा के मुताबिक पार्टी प्रत्याशियों पर दर्ज मामले:
मनिंदरपाल चुनाव: 24
संगीत सोम: 6
अमित अग्रवाल:6
कमलदत्त शर्मा: 6
डॉ. सोमेन्द्र तोमर: 4
दिनेश खटीक: 3
सत्यवीर त्यागी: 2