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अभी एलाइनमेंट ही तय नहीं, कैसे बनेगा हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे
Wed, 26 Aug 2020 02:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 02:06 AM IST
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एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक जोड़ने का एलान किया। वहीं, दूसरी तरफ अभी मेरठ के हिस्से से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट ही फाइनल नहीं हो सका है। मेरठ के 32 गांवों से एक्सप्रेसवे गुजारने की योजना तैयार है, लेकिन अभी इन गांवों का सर्वे ही अधर में लटका है।
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वर्ष-2019 में प्रयागराज से मेरठ तक देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा हुई। गांवों की जमीन का सर्वे कर रही एलएन मालवीय कंपनी ने 19 गांवों का सर्वे कर निशान भी लगाए, लेकिन कोरोना के कारण यह कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में अभी कुछ भी कह पाना मुश्किल होगा। पिछले महीने कमिश्नर ने समीक्षा बैठक के दौरान इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की तो पता लगा कि अभी तो गांवों का सर्वे भी पूरा नहीं हो पाया है।
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न यूपीडा का कार्यालय और न अधिकारी
इतने बड़े प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए जिले में यूपीडा का न तो कोई कार्यालय है और न ही नोडल अधिकारी है। वहीं, जिले के अधिकारी भी इस प्रोजेक्ट पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में जिला स्तर पर इसकी कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। वहीं, किसान भी आए दिन इस संशय में हैं कि जहां निशान लगाए गए थे, उनका क्या होगा।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ने की चर्चा
एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक, यूपीडा ने संपर्क कर एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण के साथ ही इसे जोड़ने की योजना तैयार की थी। जिससे एक साथ ही इनका निर्माण किया जा सके। लेकिन पिछले दिनों सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर इस मामले को लेकर भी चर्चा की थी।
चर्चा यह भी तेज हुई कि एक्सप्रेसवे को खरखौदा के कुछ गांवों से न निकालकर हाजीपुर से निकाला जाएगा। इसके बाद गांवों में किसानों ने पंचायत कर एलाइनमेंट बदलने का विरोध किया, लेकिन जिले के अधिकारियों ने कहा कि एलाइनमेंट पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री करेंगे।