यूपी में भी टिड्डियों से फसलों को हानि का अलर्ट जारी, बचाव को बजाएं ढोल-नगाडे़
जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रमोद सिरोही ने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार टिड्डी अपने वजन से अधिक भोजन प्रतिदिन खाती है। हरी पत्तियां, फूल, फसल के बीज आदि टिड्डी के पसंदीदा हैं। यह झुंड में उड़ती हैं और जिस फसल पर बैठ जाती हैं, उसे चट कर जाती हैं।
उन्होंने कहा कि टिड्डियों के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए गांव के लोग एकजुट होकर ढोल, नगाडे़, टीन के डब्बे तथा थालियों को जोर से बजाएं ताकि शोर होने पर वह भाग सकें। टिड्डी दलों पर नियंत्रण पाने को पंजाब की तरह फायर ब्रिगेड की मदद ली जा सकती है।
बताया कि किसान एक साथ अपने खेतों में क्लोरोपाइरीफॉस 20 प्रतिशत या मैलाथियान 96 प्रतिशत कीटनाशक का छिड़काव करके भी टिड्डियों से मुक्ति पा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि तहसील सरधना, मवाना, मेरठ सदर के किसानों को चौकन्ना रहने की सलाह बराबर दी जा रही है। इसके साथ ही पंचायत सचिवों को भी टिड्डी दल की जानकारी पता लगते ही कृषि विभाग को जानकारी देने को कहा गया है।