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आसाराम के फैसले पर टिकी अखिल के परिवार की निगाहें, मुजफ्फरनगर में सुरक्षा कड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 25 Apr 2018 05:01 PM IST
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आसाराम का रसोइया अखिल गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
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रेप को आरोपी आसाराम को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट के फैसले पर अखिल गुप्ता के परिवार की निगाहें टिकी थीं। अहमदाबाद में दस साल तक आसाराम के रसोइये रहे अखिल की 11 जनवरी 2015 को हत्या कर दी गई थी। सूरत की दो बहनों की ओर से यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज होने के बाद सरकारी गवाह बनने पर उसे अपनी जान गवानी पड़ी थी। हत्यारोपी कार्तिक हलदार करनाल जेल में बंद है।
शाहजहांपुर की नाबालिग छात्रा के यौन शोषण मामले में वर्ष 2015 से जोधपुर की जेल में बंद आसाराम के केस का बुधवार को फैसला आना है। शहर के जानसठ रोड स्थित गीता एनक्लेव निवासी नरेशचंद गुप्ता के परिवार की नजरें कोर्ट के निर्णय पर टिकी है। गुप्ता का परिवार आसाराम का अनुयायी रहा था।
पिता की वजह से उनका बेटा अखिल गुप्ता भी आसाराम का शिष्य बन गया था। सेवा से खुश आसाराम ने उसे अपना रसोइया बना कर राजदार भी बनाया। आसाराम के सत्संग में उसकी मुलाकात मध्यप्रदेश की वर्षा से हुई। अखिल और वर्षा ने विवाह का फैसला लिया। आसाराम की सहमति के बाद दोनों ने गृहस्थी बना ली।
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वर्ष 2008 में अखिल ने अहमदाबाद आश्रम छोड़ दिया और वापस घर आकर यहां शहर में दूध डेयरी का कारोबार शुरू कर दिया। दंपति की जिंदगी खुशनुमा चल रही थी। इसी बीच सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया।
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शाहजहांपुर की नाबालिग छात्रा के यौन शोषण मामले में वर्ष 2015 से जोधपुर की जेल में बंद आसाराम के केस का बुधवार को फैसला आना है। शहर के जानसठ रोड स्थित गीता एनक्लेव निवासी नरेशचंद गुप्ता के परिवार की नजरें कोर्ट के निर्णय पर टिकी है। गुप्ता का परिवार आसाराम का अनुयायी रहा था।
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पिता की वजह से उनका बेटा अखिल गुप्ता भी आसाराम का शिष्य बन गया था। सेवा से खुश आसाराम ने उसे अपना रसोइया बना कर राजदार भी बनाया। आसाराम के सत्संग में उसकी मुलाकात मध्यप्रदेश की वर्षा से हुई। अखिल और वर्षा ने विवाह का फैसला लिया। आसाराम की सहमति के बाद दोनों ने गृहस्थी बना ली।
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वर्ष 2008 में अखिल ने अहमदाबाद आश्रम छोड़ दिया और वापस घर आकर यहां शहर में दूध डेयरी का कारोबार शुरू कर दिया। दंपति की जिंदगी खुशनुमा चल रही थी। इसी बीच सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया।
गुजरात पुलिस ने सच जानने को अखिल गुप्ता पर शिकंजा कसा। इस केस में अखिल सरकारी गवाह बन गया। इसी दौरान आसाराम जोधपुर की जेल में था। 11 जनवरी 2015 की शाम सिटी सेंटर के सामने स्थित डेयरी बंद कर घर लौट रहे अखिल की मकान के पास जानसठ रोड पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
मार्च 2016 में गुजरात एटीएस और क्राइम ब्रांच ने छत्तीसगढ़ के रायपुर से कार्तिक हलदार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि कार्तिक ने ही अखिल की हत्या की थी। फिलहाल वह हरियाणा की करनाल जेल में बंद है। अखिल हत्याकांड में क्राइम ब्रांच उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
वर्तमान में मामला कोर्ट में विचाराधीन है। गत वर्ष अक्तूबर में उसे पहली बार जिले की कोर्ट में पेश किया गया था। इसी दौरान अखिल की पत्नी वर्षा ने हत्यारोपी कार्तिक की चप्पलों से पिटाई कर दी थी। अखिल के पिता नरेशचंद गुप्ता और पत्नी वर्षा न्याय के इंतजार में है।
मार्च 2016 में गुजरात एटीएस और क्राइम ब्रांच ने छत्तीसगढ़ के रायपुर से कार्तिक हलदार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि कार्तिक ने ही अखिल की हत्या की थी। फिलहाल वह हरियाणा की करनाल जेल में बंद है। अखिल हत्याकांड में क्राइम ब्रांच उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
वर्तमान में मामला कोर्ट में विचाराधीन है। गत वर्ष अक्तूबर में उसे पहली बार जिले की कोर्ट में पेश किया गया था। इसी दौरान अखिल की पत्नी वर्षा ने हत्यारोपी कार्तिक की चप्पलों से पिटाई कर दी थी। अखिल के पिता नरेशचंद गुप्ता और पत्नी वर्षा न्याय के इंतजार में है।
सुरक्षा के रहेंगे पुख्ता इंतजाम : एसपी
आसाराम केस में फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर शहर में भी पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रुड़की रोड पर आसाराम का आश्रम है। योग वेदांत समिति के निर्देशन में कभी सत्संग और अन्य कार्यक्रम होते है।
नगर में आसाराम के अनुयायियों की तादाद बड़ी संख्या में है। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि सीओ सिटी को सुरक्षा पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। अखिल गुप्ता के परिवारों को दो सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए है। शहर के तीनों थाना क्षेत्रों में पुलिस कानून व्यवस्था पर नजर रखेगी।
नगर में आसाराम के अनुयायियों की तादाद बड़ी संख्या में है। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि सीओ सिटी को सुरक्षा पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। अखिल गुप्ता के परिवारों को दो सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए है। शहर के तीनों थाना क्षेत्रों में पुलिस कानून व्यवस्था पर नजर रखेगी।