फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Ajit Singh is not focusing over election at the age of eighty but brotherhood

2019 में अजित के चुनाव लड़ने पर सस्पेंस... खुद कही ये बड़ी बात, जानें सियासी मायने

Wed, 25 Jul 2018 11:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 25 Jul 2018 11:13 AM IST
विज्ञापन
Ajit Singh is not focusing over election at the age of eighty but brotherhood
चौधरी अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला

रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने बागपत या मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि अभी उन्होंने कुछ तय ही नहीं किया है। अस्सी साल की उम्र हो चुकी है, यह जरूरी नहीं है कि वह चुनाव ही लड़ें। कौन चुनाव लड़ेगा, यह सब चीजें बाद में तय होंगी। लोकसभा चुनाव में महा गठबंधन तय है। ऐसा वातावरण बन रहा है कि जो राजनीतिक दल गठबंधन में शामिल नहीं होगा वह अकेला पड़ जाएगा और खत्म हो जाएगा। 

विज्ञापन

 
मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में जन संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में रालोद अध्यक्ष ने कहा कि यूपी की बात करें तो गठबंधन तय हैं। समय आने के साथ इस पर राजनीतिक दलों की बातचीत होगी और समन्वय भी बनेगा। ऐसा वातावरण बन रहा है कि हर पार्टी की एक साथ आना मजबूरी है, जो अकेला पड़ जाएगा, वह खत्म हो जाएगा। रालोद और भाजपा के गठबंधन का सवाल ही नहीं है। कुछ भाजपा के लोग ही जनता के बीच भ्रम फैलाते हैं। देश में भाजपा की नहीं बल्कि आरएसएस की सरकार चल रही है। हिंदू और मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिंदुओं को भी जातिगत आधार पर बांटकर लड़ाया जा रहा है। भाजपा दंगे कराती है और लोगों को आपस में लड़ाती है। देश के सामने गलत आंकड़े पेश किए जाते हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाकर कुछ भी गलत नहीं किया। आंख मारने के लोग अपने-अपने हिसाब से अर्थ निकाल रहे हैं। समर्थन मूल्य के नाम पर किसानों को ठगा गया। रालोद की प्राथमिकता समाज में भाईचारा बढ़ाना है।

विज्ञापन

क्या हैं सियासी मायने 

Ajit Singh is not focusing over election at the age of eighty but brotherhood
चौधरी अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला

रालोद अध्यक्ष अजित सिंह ने जन संवाद और पत्रकारों से बातचीत में यह कहा कि जरूरी नहीं कि वह चुनाव ही लड़ें। इसके अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। महा गठबंधन में चुनाव से दूर रहकर उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पहले ही कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार बागपत से रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी चुनाव लड़ेंगे। यह भी हो सकता है कि समर्थकों और रालोद कार्यकर्ताओं का मन टटोलने के लिए चौधरी अजित सिंह ने यह बात कही हो। 
 
समर्थकों ने कहा मुजफ्फरनगर नहीं बागपत 
रालोद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चौधरी अजित सिंह से कहा कि वह मुजफ्फरनगर से नहीं बागपत से ही चुनाव लड़ें। लोकसभा क्षेत्र के लोग उनके साथ हैं। इस पर अजित सिंह ने कहा कि यह बस बाद की बातें है, पहले गांव दर गांव भाईचारा बनाना है।

बागपत से छह बार सांसद रहे हैं अजित सिंह 
चौधरी अजित सिंह को वर्ष 1987 में राज्यसभा भेजा था। वर्ष 1989 में बागपत से पहली बार सांसद बनें। वर्ष 1991,  1996 में सांसद रहे, लेकिन वर्ष 1998 में भाजपा के सोमपाल शास्त्री से हार गए थे।  इसके बाद वर्ष 1999, 2004 और 2009 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 2014 में वह भाजपा के सत्यपाल सिंह से हार गए। 

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed