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Meerut News: रोहित के परिजनों से मिलने जा रहे अजय राय को हिरासत में लिया, पुलिस से तीखी झड़प
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खतौली में भंगेला चेकपोस्ट से वापस जाते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता
मृतक रोहित कश्यप उर्फ सोनू के पीड़ित परिजनों से मिलने मुजफ्फरनगर जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के काफिले को रोकने को लेकर बुधवार को जमकर बवाल हुआ। पुलिस ने खतौली की भंगेला चौकी पर अजय राय के काफिले को रोक लिया और उन्हें हिरासत भी ले लिया। इसके बाद मेरठ में भी कुराली गांव जाते वक्त उनके काफिले पर पुलिस का पहरा रहा। इस दौरान पुलिस प्रशासन और कांग्रेसियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। अजय राय ने इसे अघोषित आपातकाल बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।
अजय राय मुजफ्फरनगर जाने के लिए निकले थे लेकिन खतौली थाना क्षेत्र की भंगेला चौकी पर पुलिस प्रशासन ने पहले से ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। काफिला रुकते ही कांग्रेस कार्यकर्ता उग्र हो गए और पुलिस प्रशासन के साथ उनकी तीखी झड़प शुरू हो गई। अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने की जिद पर अड़ गए जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर भंगेला चौकी पर बैठा लिया। करीब 20 से 25 मिनट अजय राय चौकी में ही बैठे रहे। इस बीच पूर्व मंत्री सईदुज्जमा मृतक के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे और मदद का भरोसा दिया। पूर्व मंत्री सईदजमा ने अजय राय की बात वीडियो कॉल के जरिए मृतक सोनू की बहन आरती कश्यप से कराई। अजय राय ने आरती को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है और न्याय की यह लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी। अजय राय ने सरकार से मृतक के परिजनों को पचास लाख रुपये का मुआवजा दिलाने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने, मामले की उच्च स्तरीय जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग रखी।
रंजन शर्मा के माता-पिता को दी श्रद्धांजलि
हिरासत से छूटने के बाद अजय राय मेरठ पहुंचे और सीधे महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रंजन शर्मा के ब्रह्मपुरी स्थित आवास पर गए। रंजन शर्मा के माता-पिता का एक सप्ताह के भीतर निधन हो गया था। अजय राय ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए भावुक होकर कहा, रंजन शर्मा के माता-पिता का इस तरह एक साथ चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है। यह केवल उनके परिवार का नहीं बल्कि पूरे कांग्रेस परिवार का अपूरणीय नुकसान है।
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शारदा रोड पर फिर रार
ब्रह्मपुरी से निकलकर अजय राय कुराली गांव में हाल ही में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले राजकुमार और राजू के परिजनों से मिलने के लिए रवाना हुए लेकिन शारदा रोड (ब्रह्मपुरी क्षेत्र) पर पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर उनके काफिले को रोक दिया। यहां पुलिस प्रशासन और कांग्रेस नेताओं पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला, मेरठ कोऑर्डिनेटर विशाल वशिष्ठ, जाहिद अंसारी, धूम सिंह गुर्जर, विवेक त्यागी और संजीव शर्मा के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
क्या अब हर संवेदना पर भी सरकार का पहरा होगा
पुलिस के इस रवैये पर अजय राय का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सवाल दागते हुए कहा क्या अब प्रदेश में किसी मृतक के घर शोक व्यक्त करने के लिए भी सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी? क्या यह लोकतंत्र है या तानाशाही? क्या अब हर संवेदना पर भी सरकार का पहरा होगा? उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार संवेदना, सहानुभूति और जनप्रतिनिधियों की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी।
काजला ने संभाला मोर्चा, कुराली में कराई बात
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला अपनी टीम के साथ कुराली गांव पहुंचे। वहां उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की और फोन पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की बात कराई। राय ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
ये रहे मौजूद
इस हाईवोल्टेज घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता डटे रहे। इनमें मुख्य रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला, नसीम खान, दिनेश उपाध्याय, मनोज कुराली, किरण बाला, शिवकुमार शर्मा, सुमित विकल, राकेश त्यागी, डॉ. इकबाल, मगन शर्मा, सचिन शर्मा, सुबोध शर्मा, अशोक सैनी, विवेक त्यागी, अभिमन्यु त्यागी और कल्लू मलिक शामिल रहे।
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अजय राय मुजफ्फरनगर जाने के लिए निकले थे लेकिन खतौली थाना क्षेत्र की भंगेला चौकी पर पुलिस प्रशासन ने पहले से ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। काफिला रुकते ही कांग्रेस कार्यकर्ता उग्र हो गए और पुलिस प्रशासन के साथ उनकी तीखी झड़प शुरू हो गई। अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने की जिद पर अड़ गए जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर भंगेला चौकी पर बैठा लिया। करीब 20 से 25 मिनट अजय राय चौकी में ही बैठे रहे। इस बीच पूर्व मंत्री सईदुज्जमा मृतक के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे और मदद का भरोसा दिया। पूर्व मंत्री सईदजमा ने अजय राय की बात वीडियो कॉल के जरिए मृतक सोनू की बहन आरती कश्यप से कराई। अजय राय ने आरती को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है और न्याय की यह लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी। अजय राय ने सरकार से मृतक के परिजनों को पचास लाख रुपये का मुआवजा दिलाने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने, मामले की उच्च स्तरीय जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग रखी।
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रंजन शर्मा के माता-पिता को दी श्रद्धांजलि
हिरासत से छूटने के बाद अजय राय मेरठ पहुंचे और सीधे महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रंजन शर्मा के ब्रह्मपुरी स्थित आवास पर गए। रंजन शर्मा के माता-पिता का एक सप्ताह के भीतर निधन हो गया था। अजय राय ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए भावुक होकर कहा, रंजन शर्मा के माता-पिता का इस तरह एक साथ चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है। यह केवल उनके परिवार का नहीं बल्कि पूरे कांग्रेस परिवार का अपूरणीय नुकसान है।
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शारदा रोड पर फिर रार
ब्रह्मपुरी से निकलकर अजय राय कुराली गांव में हाल ही में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले राजकुमार और राजू के परिजनों से मिलने के लिए रवाना हुए लेकिन शारदा रोड (ब्रह्मपुरी क्षेत्र) पर पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर उनके काफिले को रोक दिया। यहां पुलिस प्रशासन और कांग्रेस नेताओं पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला, मेरठ कोऑर्डिनेटर विशाल वशिष्ठ, जाहिद अंसारी, धूम सिंह गुर्जर, विवेक त्यागी और संजीव शर्मा के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
क्या अब हर संवेदना पर भी सरकार का पहरा होगा
पुलिस के इस रवैये पर अजय राय का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सवाल दागते हुए कहा क्या अब प्रदेश में किसी मृतक के घर शोक व्यक्त करने के लिए भी सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी? क्या यह लोकतंत्र है या तानाशाही? क्या अब हर संवेदना पर भी सरकार का पहरा होगा? उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार संवेदना, सहानुभूति और जनप्रतिनिधियों की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी।
काजला ने संभाला मोर्चा, कुराली में कराई बात
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला अपनी टीम के साथ कुराली गांव पहुंचे। वहां उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की और फोन पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की बात कराई। राय ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
ये रहे मौजूद
इस हाईवोल्टेज घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता डटे रहे। इनमें मुख्य रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला, नसीम खान, दिनेश उपाध्याय, मनोज कुराली, किरण बाला, शिवकुमार शर्मा, सुमित विकल, राकेश त्यागी, डॉ. इकबाल, मगन शर्मा, सचिन शर्मा, सुबोध शर्मा, अशोक सैनी, विवेक त्यागी, अभिमन्यु त्यागी और कल्लू मलिक शामिल रहे।