फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Air speed its nature

वायु की गति उसका स्वभाव

Fri, 20 Nov 2020 12:53 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Nov 2020 12:53 AM IST
विज्ञापन
Air speed its nature
मेरठ। सीसीएसयू में आयोजित व्यास समारोह के चौथे दिन बृहस्पतिवार को श्रीकालीचरण पौराणिक व्याख्यान माला एवं शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. संतोष कुमारी ने बताया कि श्रीकालीचरण पौराणिक गांधीवादी पुराणों में आस्था रखने वाले एवं गोरक्षिणी सभा के कार्यकर्ता थे। वे छल कपट से दूर सहज जीवन में विश्वास रखने वाले थे। जिन्होंने संस्कृत के उत्थान के लिए सर्वस्व त्याग दिया।
विज्ञापन

गुजरात के डॉ. अृमतलाल भोगायता ने वायुपुराणे नीलकंठदर्शनम विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का नाम नीलकंठ समुद्र मंथन के दौरान निकले विष का पान करने के कारण पड़ा था। उड़ीसा के प्रो. विश्वनाथ स्वाईं ने जीवनप्रबंधनम विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने वायुपुराण में मानव जीवन के प्रबंध को समझाया। डॉ. डीएन त्रिपाठी, डॉ. गीता शुक्ला, डॉ. सुमंत दास, पारुल और भवानी चंद्रन ने भी शोध पत्र पढ़े। प्रो. सुधारकराचार्य त्रिपाठी ने वायुपुराण के आधार पर वायु के स्वरूप को समझाया। बताया कि वायु की गति उसका स्वभाव है। सुखाना उसका धर्म है और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना उसका कार्य है। कार्यक्रम में सारस्वतातिथि के रूप में दिल्ली विवि के प्रो. रमेश भारद्वाज रहे। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विवि कैथल हरियाणा के डीन प्रो. राजेश्वर प्रसाद मिर ने शोध पत्र के माध्यम से वायु पुराण की प्राचीनता एवं प्रमाणिकता के विभिन्न प्रमाणों की पुष्टि की। इस मौके पर डॉ. वाचस्पति मिश्र, डॉ. पूनमलखन पाल, डॉ. राजवीर आर्य, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. ओमपाल शास्त्री, विनीता, वैशाली, दीपक शास्त्री, विपिन, पवन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed