एनसीआर में सांस लेना दूभर: बागपत की हवा रेड जोन में, एक्यूआई 308 पर पहुंचा; मेरठ-गाजियाबाद में भी बढ़ा प्रदूषण
एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने से बागपत का एक्यूआई 308 पर पहुंच गया। मेरठ में 216 और गाजियाबाद में 236 एक्यूआई दर्ज हुआ। सुबह-शाम स्मॉग का असर बढ़ा।
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एनसीआर में ठंड बढ़ने के साथ वायु प्रदूषण का स्तर भी ऊपर जाने लगा है। बुधवार सुबह बागपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 308 दर्ज किया गया। इसके साथ ही यहां की हवा रेड जोन में पहुंच गई। मेरठ, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर में भी वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई। सुबह और शाम के समय वातावरण में स्मॉग का असर साफ दिखाई देने लगा है।
बागपत में सबसे ज्यादा प्रदूषण, मेरठ-गाजियाबाद भी प्रभावित
एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। बुधवार सुबह बागपत का एक्यूआई 308 दर्ज किया गया, जो रेड जोन में रहा। वहीं गाजियाबाद में एक्यूआई 236, मुजफ्फरनगर में 229 और मेरठ में 216 दर्ज किया गया। इन शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है।
प्रदूषण बढ़ने के साथ सुबह और शाम के समय वातावरण में धुंध और स्मॉग का असर अधिक दिखाई देने लगा है। इससे लोगों को खुले में निकलने पर परेशानी हो सकती है।
रात का तापमान गिरने से बढ़ने लगी ठंड
मौसम में भी धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह और शाम ठंड का असर बढ़ गया है। दिन के तापमान में भी कमी आने से अब दिन में भी मौसम पहले के मुकाबले सर्द महसूस होने लगा है।
सुबह हल्की ठंड के साथ धुंध और स्मॉग वातावरण में बने रहते हैं। रात में तापमान गिरने और हवा की गति कम रहने से प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं। इसका असर वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत
बढ़ते प्रदूषण और मौसम में बदलाव के बीच बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर सुबह और शाम के समय बाहर निकलते हुए सतर्क रहना चाहिए। फिलहाल एनसीआर में ठंड और प्रदूषण, दोनों का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है।