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किसानों पर जबरन थोप दिए गए कृषि कानून
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किसानों पर जबरन थोप दिए गए कृषि कानून
जानीखुर्द। कृषि कानूूनों को लेकर पहले से नाराज चल रहे किसानों का गुस्सा अब गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं किए जाने से भाजपा सरकार के खिलाफ बढ़ गया है। किसानों ने गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं किए जाने पर आंदोलन करने की बात कही है।
जानी खुर्द निवासी व पूर्व किसान यूनियन अध्यक्ष हरेंद्र जानी ने कहा कि भाजपा सरकार ने कृषि कानूनों को जबरन किसानों पर थोप दिया है। अब गन्ना मूल्य न बढ़ाकर भाजपा का पूंजीपति हितेशी चेहरा सामने आ गया है। भाजपा किसानों को बर्बाद करने पर आमदा है। गांव बाफर निवासी किसान नेता राजकुमार बाफर ने कहा कि गन्ना किसानों को भुगतान भी समय पर नहीं मिल रहा है, जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य व सपा नेता शफीक अहमद ने बताया कि भाजपा सरकार में हर वर्ग परेशान है। सपा जल्द गन्ना मूल्य को लेकर आंदोलन करेगी।
500 रुपये क्विंटल हो गन्ना मूल्य
बहसूमा। गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी नहीं होने से किसान नाराज है। किसानों ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी करार दिया है। किसानों ने 500 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य की मांग की है।
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किसान हरेंद्र सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार ने लगातार तीन वर्षों से गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया है, जिससे सरकार की किसान विरोधी मानसिकता का पता चलता है।
किसान सजंय डायरेक्टर का कहना है कि सत्ता में आने से पहले भाजपा गन्ना मूल्य 400 रुपये क्विंटल की मांग करती थी अब सत्ता में आने के बाद तीन साल से गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं हुई है। किसान रविंद्र नागर, भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह का कहना है कि गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं होने से किसानों में सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है। किसान जयबीर अहलावत का कहना है कि सरकार को किसान विरोधी है।
टिकौला मिल ने 22 जनवरी तक का भुगतान समितियों को भेजा
बहसूमा। टिकौला शुगर मिल ने सोमवार को 22 जनवरी तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान गन्ना समितियों को भेज दिया है। मिल के अध्याशी अध्यक्ष एमसी शर्मा ने बताया कि मिल ने 16 से 22 जनवरी तक खरीदे गए गन्ना का भुगतान 21.67 करोड़ रुपये समितियों को भेज दिया है। वहीं रामराज गन्ना समिति के सचिव सुभाष यादव ने बताया कि मिल से आरटीजीएस का मेसेज मिल गया है, जल्द ही भुगतान किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
14 दिन में गन्ना भुगतान नहीं दिला पा रही सरकार
खरखौदा/रोहटा। सपा नेता ओमपाल गुर्जर ने कहा कि तीसरे वर्ष भी गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई है। सपा नेता सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन बिजली का बिल बढ़ रहा है, डीजल व पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, खाद आदि सभी की कीमत लगातार बढ़ रही है लेकिन फसल के मूल्य में कोई वृद्घि नहीं। सरकार किसानों को 14 दिन में गन्ना बकाया भुगतान भी नहीं दिला पा रही है। सपा नेता ने बताया कि पूर्व में रही सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव में गन्ने का मूल्य 25 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया था। वहीं रोहटा में भाकियू सरधना तहसील अध्यक्ष अशफाक जैनपुर का कहना है कि फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम मिलना चाहिए। केंद्र और प्रदेश सरकार केवल उद्योगपतियों के मुनाफे के लिए कार्य कर रही है। किसान जिले सिंह जैनपुर, संसार सिंह, सोनू मोरल, मतीन प्रधान, अबरार हर्रा ने कहा कि गन्ना मूल्य नहीं बढ़ना और महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ना किसानों के साथ अन्याय है।
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जानीखुर्द। कृषि कानूूनों को लेकर पहले से नाराज चल रहे किसानों का गुस्सा अब गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं किए जाने से भाजपा सरकार के खिलाफ बढ़ गया है। किसानों ने गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं किए जाने पर आंदोलन करने की बात कही है।
जानी खुर्द निवासी व पूर्व किसान यूनियन अध्यक्ष हरेंद्र जानी ने कहा कि भाजपा सरकार ने कृषि कानूनों को जबरन किसानों पर थोप दिया है। अब गन्ना मूल्य न बढ़ाकर भाजपा का पूंजीपति हितेशी चेहरा सामने आ गया है। भाजपा किसानों को बर्बाद करने पर आमदा है। गांव बाफर निवासी किसान नेता राजकुमार बाफर ने कहा कि गन्ना किसानों को भुगतान भी समय पर नहीं मिल रहा है, जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य व सपा नेता शफीक अहमद ने बताया कि भाजपा सरकार में हर वर्ग परेशान है। सपा जल्द गन्ना मूल्य को लेकर आंदोलन करेगी।
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500 रुपये क्विंटल हो गन्ना मूल्य
बहसूमा। गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी नहीं होने से किसान नाराज है। किसानों ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी करार दिया है। किसानों ने 500 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य की मांग की है।
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किसान हरेंद्र सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार ने लगातार तीन वर्षों से गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया है, जिससे सरकार की किसान विरोधी मानसिकता का पता चलता है।
किसान सजंय डायरेक्टर का कहना है कि सत्ता में आने से पहले भाजपा गन्ना मूल्य 400 रुपये क्विंटल की मांग करती थी अब सत्ता में आने के बाद तीन साल से गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं हुई है। किसान रविंद्र नागर, भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह का कहना है कि गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं होने से किसानों में सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है। किसान जयबीर अहलावत का कहना है कि सरकार को किसान विरोधी है।
टिकौला मिल ने 22 जनवरी तक का भुगतान समितियों को भेजा
बहसूमा। टिकौला शुगर मिल ने सोमवार को 22 जनवरी तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान गन्ना समितियों को भेज दिया है। मिल के अध्याशी अध्यक्ष एमसी शर्मा ने बताया कि मिल ने 16 से 22 जनवरी तक खरीदे गए गन्ना का भुगतान 21.67 करोड़ रुपये समितियों को भेज दिया है। वहीं रामराज गन्ना समिति के सचिव सुभाष यादव ने बताया कि मिल से आरटीजीएस का मेसेज मिल गया है, जल्द ही भुगतान किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
14 दिन में गन्ना भुगतान नहीं दिला पा रही सरकार
खरखौदा/रोहटा। सपा नेता ओमपाल गुर्जर ने कहा कि तीसरे वर्ष भी गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई है। सपा नेता सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन बिजली का बिल बढ़ रहा है, डीजल व पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, खाद आदि सभी की कीमत लगातार बढ़ रही है लेकिन फसल के मूल्य में कोई वृद्घि नहीं। सरकार किसानों को 14 दिन में गन्ना बकाया भुगतान भी नहीं दिला पा रही है। सपा नेता ने बताया कि पूर्व में रही सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव में गन्ने का मूल्य 25 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया था। वहीं रोहटा में भाकियू सरधना तहसील अध्यक्ष अशफाक जैनपुर का कहना है कि फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम मिलना चाहिए। केंद्र और प्रदेश सरकार केवल उद्योगपतियों के मुनाफे के लिए कार्य कर रही है। किसान जिले सिंह जैनपुर, संसार सिंह, सोनू मोरल, मतीन प्रधान, अबरार हर्रा ने कहा कि गन्ना मूल्य नहीं बढ़ना और महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ना किसानों के साथ अन्याय है।