फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   agenda saaf, hundutv ka mool mantr par hi hoga chunaave sanknaad

एजेंडा साफ, हिंदुत्व के मूलमंत्र पर ही होगा चुनावी शंखनाद 

Mon, 26 Feb 2018 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 26 Feb 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
agenda saaf, hundutv ka mool mantr par hi hoga chunaave sanknaad
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पश्चिमी उप्र की अहम 96 विधानसभा और 19 लोकसभा सीटाें को पूरी तरह से संघ केरंग में रंगने का आरएसएस का एजेंडा पूरी तरह से साफ हो गया। आरएसएस के राष्ट्रोदय समागम में सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि संघ अपने हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को चुनावी रण में उतारेगी। सर संघचालक  ने अपने भाषण का मुख्य हिस्सा हिंदुत्व पर केंद्रित किया। हालांकि बात कुछ इस तरह से रखी गई कि सामाजिक समरसता का संदेश भी जोर शोर से गुंजायमान हो उठा।
विज्ञापन

क्रांतिधरा मेरठ कई मायनों में अहम मानी जाती है। यदि सत्ता के शिखर तक जाने की कवायद हो तो रास्ता मेरठ से ही गुजरता है। लोकसभा चुनाव 2014 में जहां भाजपा के तत्कालीन पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने मेरठ से ही चुनावी रैली का आगाज किया था। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी मेरठ को ही चुना था। स्थानीय निकाय चुनाव में योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में ही रैली की। हालांकि आरएसएस राजनीतिक संगठन नहीं पर भाजपा की पोषक है। ऐसे में रविवार को क्रांतिधरा पर आयोजित राष्ट्रोदय समागम से लोकसभा चुनाव 2019 का मार्ग तैयार करने की पूरी तैयारी की गई। आरएसएस के मेरठ प्रांत में 10580 गांव, 1553 बस्तियां और 400 उपबस्तियां शुमार हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा यह समागम 14 जिलों का बुलाया गया था, लेकिन 18 जिलों को प्रभावित कर रहा था। इन जिलों में 96 विधानसभा की महत्वपूर्ण सीटें हैं, जिनमें अस्सी से ज्यादा पर भाजपा का कब्जा है। इस तरह 19 लोकसभा सीटें हैं और यहां 15 से ज्यादा भाजपा के हिस्से में हैं। आरएसएस इस समागम को यहां इसलिए भी करना चाहती थी, क्योंकि एक बार फिर चुनाव सिर पर है। लोकसभा 2019 की तैयारियां शुरू हो गई हैं और इन सीटों पर भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त करने में आरएसएस महती भूमिका अदा करना चाहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एजेंडा वही, बात नई
आरएसएस के मंच पर मोहन भागवत के अलावा महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा अवधेशानंद गिरि महाराज और जैन मुनि विहर्ष सागर जी, प्रभात गुरुकुल आश्रम के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद को विराजमान किया गया। इसके अलावा मोहन भागवत ने साफ कहा कि समाज के हर वर्ग को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जोड़ने पर ही बात बनेगी। खास तौर पर सामाजिक समरसता की बात कही। बोेले कि हमारा खान पान, दर्शन, जीवन शैली अलग-अलग हो सकती है पर हम सब हिंदू हैं। उन्होंने हिंदू को परिभाषित भी किया। कहा कि जो दूसरों की पीड़ा समझे वही हिंदू है। जो निर्बल का सहारा बने वहीं हिन्दू है। जो भारत माता को माने वही हिंदू है। कहा कि कुछ इस तरह तन, मन, धन के साथ संघ से जुड़ो कि निडर बन जाओ। योग्य बन जाओ। कहा कि हमारे देश में कुछ लोग यह जानते तो हैं कि वे हिंदू हैं पर कहते नहीं है। यदि वे भी कहें तो पूरे विश्व में हमारी शक्ति और बढ़ जाए। हालांकि यह अब धीरे-धीरे हो रहा है।


उदाहरण, कहानियों से भरा जोश
मोहन भागवत ने विभिन्न उदाहरण, पंचतंत्र की लघु कहानियों के जरिए स्वयंसेवकों में जोश भरा। कहा जो शक्तिशाली है, उसे प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं। वह स्वत: ही दिख जाता है। उन्होंने याद दिलाया कि पवन पुत्र हनुमान को उनकी शक्ति याद दिलानी पड़ी थी। उसके याद आते ही वे महाबली हो गए थे। एक छलांग में समंदर पार कर गए और लंका को जला डाला। उसी तरह से सभी युवाओं को अपनी शक्ति को याद करना होगा। शेर की कहानी सुनाकर बताया कि शक्ति को बताने की जरूरत नहीं होती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed