{"_id":"63029a0ff365650d3c783799","slug":"after-maharashtra-uttarakhand-now-the-cantonment-of-uttar-pradesh-will-be-included-in-the-corporation-drone-survey-of-meerut-cantonment-completed-in-12-days-city-news-mrt601950037","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदलाव: महाराष्ट्र, उत्तराखंड के बाद अब यूपी की छावनी निगम में होंगी शामिल, मेरठ छावनी का ड्रोन सर्वे हुआ पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदलाव: महाराष्ट्र, उत्तराखंड के बाद अब यूपी की छावनी निगम में होंगी शामिल, मेरठ छावनी का ड्रोन सर्वे हुआ पूरा
Mon, 22 Aug 2022 02:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 02:18 AM IST
सार
महाराष्ट्र की 4 छावनी और उत्तराखंड की तीन छावनी अब नगर निगम में शामिल करने की अंतिम रूपरेखा तैयार हो गई है। अब उत्तर प्रदेश की छावनियां भी नगर निगम में शामिल होंगी। मेरठ में छावनी का ड्रोन सर्वे पूरा किया जा चुका है।
विज्ञापन
मेरठ कैंट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाराष्ट्र की 4 छावनी और उत्तराखंड की 3 छावनी अब नगर निगम में शामिल करने की अंतिम रूपरेखा तैयार हो गई है। मेरठ छावनी का ड्रोन सर्वे पर कार्य तेजी के साथ 12 दिनों में पूर्ण हो गया है। जमीन के साथ भवन निर्माण का सटीक रिकार्ड विभागीय अधिकारियों ने सेना के साथ मिलकर एकत्रित किया है। गोपनीय ढंग से चली संपूर्ण कार्यवाही में आवसीय क्षेत्र का रिकाॅर्ड बनाया गया है।
विज्ञापन
कैंट बोर्ड के रिहायशी क्षेत्र को अब नगर निगम में शामिल किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारी मंत्रालय स्तर पर चल रही हैं। छावनी क्षेत्र में अगस्त माह में शुरू हुआ ड्रोन सर्वे छावनी परिषद् के अधिकारियों ने सेना के साथ किया। इस बीच अवैध निर्माण का रिकार्ड बनाया गया। इसके साथ ही जमीन का रिकार्ड, कहां सड़कें हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Security: पीएम के सुरक्षा दस्ते में शामिल होंगे देशी श्वान, आरवीसी ने एसपीजी को सौंपे, ये हैं इनकी खासियत
विज्ञापन
सीवेज के लिए नाले कहां से निकल रहे हैं। घरों में कितना निर्माण है इसका भी सटीक रिकाॅर्ड बनाया गया है। विभागीय जानकारों के अनुसार आने वाले समय में यह रिकाॅर्ड अवैध निर्माण को रोकने के साथ छावनी से संबंधित विभिन्न जरूरतों को पूर्ण करने में सहयोगी होगा। रिकार्ड मंत्रालय को भी छावनी की स्थिति की जानकारी भेजी जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि कौन-कौन से इलाके नगर निगम में शामिल किए जा सकते हैं।