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सीएम के जाते ही फिर बदहाल हुई इमरजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Thu, 11 May 2017 02:37 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वही मेडिकल कालेज, वही इमरजेंसी, वही स्टाफ। मगर आज मंगलवार की तरह न वार्ड ब्वाय थे, न चमकते स्ट्रेचर और ना ही सफाई की व्यवस्था। सीएम के जाते ही सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ गया। जो मरीज कल की व्यवस्था से खुश थे आज बदहाल व्यवस्था का रोना रो रहे थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले मंगलवार को इमरजेंसी में सब चकाचक था, मगर बुधवार को ही इमरजेंसी फिर बेहाल हो गई। स्ट्रेचर से चादर गायब हैं। वार्ड ब्वाय का काम तीमारदारों का करना पड़ रहा है। दोपहर दो बजे तक आलम यह था कि झाड़ू-पौंछा तक नहीं लगाया गया था। मुख्यद्वार के बाहर और अंदर फिर दुकानें और खोखे लग गए हैं।
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बुधवार को इमरजेंसी के बाहर एक मरीज काफी देर तक बिना चादर के स्ट्रेचर पर था, तो अंदर स्ट्रेचर पर पड़े मरीज को बेड मुहैया नहीं कराया गया था। कराह रहा मरीज और उसके तीमारदार इंतजार कर रहे थे कि कोई उनकी मदद करेगा। मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। कई तीमारदार तो इमरजेंसी केअंदर फर्श तक पर बैठे नजर आए। मरीज और तीमारदार इस अव्यवस्था को कोस रहे थे। कह रहे थे कि यहां एक ही दिन की मेहरबानी थी। मुख्यमंत्री को दिखा दिया कि व्यवस्था दुरुस्त है, इसके बाद कैसा भी चलता रहा, किसी को परवाह नहीं। इमरजेंसी में यही स्टाफ और व्यवस्था करने वाले मंगलवार को भी थे। तब आलम दूसरा था, क्योंकि सूबे के सीएम आ रहे थे। नई बेडशीट थीं, स्ट्रेचर पर चादरें थीं। डॉक्टरों से लेकर वार्ड ब्वाय तक मरीज की देखभाल के लिए तत्पर थे, लेकिन अब इससे उलट हो गया है। वही पुराना कामकाज का तरीका और रवैया।
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शव की भी कर दी बेकद्री, ग्रामीणों ने लगाया जाम
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में शव की बेकद्री देखकर बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों ने मेडिकल पुलिस और डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा किया। बाद में ग्रामीणों ने मोर्चरी के बाहर शव रखकर गढ़ रोड जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची मेडिकल पुलिस ने मामला शांत कराया।
खरखौदा थाना क्षेत्र के पांची गांव निवासी सतीश (31) मंगलवार को अपने साथी राहुल के साथ बाइक से जा रहा था। हापुड़ रोड पर फफुंडा के पास सड़क हादसे में दोनों घायल हो गये थे। पुलिस ने घायलों को मेडिकल इमरजेंसी में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान सतीश की मौत हो गई। बुधवार को सतीश के परिजन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी पहुंचे और डॉक्टरों से शव के बारे में जानकारी की। मोर्चरी में शव न मिलने पर ग्रामीण घंटों इधर-उधर चक्कर काटते रहे। बाद में इमरजेंसी के पीछे झाड़ियों में बने कमरे में शव जमीन पर पड़ा मिला। शव की बेकद्री देखकर ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी भी जान बचाकर भाग निकले। गुस्साए लोगों ने गढ़ रोड पर जाम भी लगा दिया। एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम, सीओ सिविल लाइन रितेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाया और जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव मोर्चरी में भेजा।