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आखिर कब बनेगी पुल की एप्रोच रोड... मुसीबत झेल रहे लोग
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आखिर कब बनेगी पुल की एप्रोच रोड... मुसीबत झेल रहे लोग
मेरठ। लोक निर्माण विभाग हादसे के बाद भी गंगा पुल की एप्रोच रोड के निर्माण के लिए जलस्तर घटने का इंतजार कर रहा है। वहीं चांदपुर से हस्तिनापुर के बीच आने-जाने वाले सैंकड़ाें लोग अब बिजनौर होते हुए जा रहे हैं। इस रूट से उन्हें 110 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। अगर गंगा पुल चालू हो जाए तो यह दूरी सिर्फ 25 किमी है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों ही ज्यादा खर्च हो रहा है।
बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 23 हजार क्यूसेक रहा। विभाग के अनुसार जलस्तर 15 हजार क्यूसेक के आसपास होना चाहिए तभी कार्य किया जाना संभव है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार अभी भी गाइडबंध सबसे अधिक जरुरी है। अगर सर्दियों में बारिश हो गई तो एक बार फिर एप्रोच रोड़ को खतरा हो सकता है। इस संबंध में शासन में कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। आईआईटी कानपुर और रुड़की के अध्ययन की पहली रिपोर्ट में पुल पर गाइडबंध बनाया जाना जरुरी बताया गया था। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन शैलेंद्र सारस्वत ने बताया कि ठेकेदार को कार्य शुरू करने के लिए नोटिस दिया गया है। ब्यूरो/संवाद
जाग जाते जिम्मेदार तो गंगा में न होता नाव हादसा
चांदपुर से हस्तिनापुर के बीच अवैध रूप से चलती रही नाव
न पुलिस ने संज्ञान लिया और न ही सिंचाई विभाग ने
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। अगर पुलिस, प्रशासन ,सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने जिम्मेदारी निभाई होती तो भीकुंड गंगा पुल पर नाव हादसा न होता। जुलाई में 28 तारीख को पुल की एप्रोच रोड बह जाने के बाद से ही यहां अवैध रूप से नाव चल रही थी।
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चिंताजनक ये है कि नाव चांदपुर थाने की नारनौर पुलिस चौकी के पाससेही गुजरती थी। दस लोगों की क्षमता वाली नाव में 15 लोग और आठ मोटरसाइकिलें थीं। नाव में ही कई बार ट्रैक्टर और बुग्गी तक लाद दी जाती थी। एसडीएम मवाना अखिलेश यादव ने एक माह पूर्व थाना पुलिस को नाव के अवैध संचालन को रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटी। गंगा पुल की एप्रोच रोड में बनाने में पीडब्ल्यूडी विभाग की भी लापरवाही सामने आ रही है। हस्तिनापुर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की खेती गंगा पार है। ये किसान फसलों के लिए ही जान दांव पर लगाकर गंगा पार करते हैं।
लोग कई बार खुद ही ले जाते थे नाव
गंगा पुल के आसपास खेती करने वाले किसानों ने बताया कि गंगा घाट पर हर रोज सुबह सैकड़ों लोग एकत्रित हो जाते थे। जिस दिन यहां पर नाविक लेट हो जाते थे तो लोग खुद ही नाव चांदपुर की ओर ले जाते थे।
आप ने सौंपा ज्ञापन, 20-20 लाख मुआवजे की मांग
मेरठ। भीकुंड में नाव हादसे में मारे गए मोनू शर्मा और शिक्षक महेश चंद शर्मा के परिवार को 28-28 लाख रुपये की सहायता के लिए आम आदमी पार्टी ने कमिश्नरी में ज्ञापन दिया। आप जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने पीड़ित परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। इस अवसर पर जिला महासचिव जीएस राजवंशी, एसके शर्मा, देशवीर, ओमदत्त त्यागी, विशाल शर्मा, वैभव आदि रहे।
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मेरठ। लोक निर्माण विभाग हादसे के बाद भी गंगा पुल की एप्रोच रोड के निर्माण के लिए जलस्तर घटने का इंतजार कर रहा है। वहीं चांदपुर से हस्तिनापुर के बीच आने-जाने वाले सैंकड़ाें लोग अब बिजनौर होते हुए जा रहे हैं। इस रूट से उन्हें 110 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। अगर गंगा पुल चालू हो जाए तो यह दूरी सिर्फ 25 किमी है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों ही ज्यादा खर्च हो रहा है।
बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 23 हजार क्यूसेक रहा। विभाग के अनुसार जलस्तर 15 हजार क्यूसेक के आसपास होना चाहिए तभी कार्य किया जाना संभव है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार अभी भी गाइडबंध सबसे अधिक जरुरी है। अगर सर्दियों में बारिश हो गई तो एक बार फिर एप्रोच रोड़ को खतरा हो सकता है। इस संबंध में शासन में कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। आईआईटी कानपुर और रुड़की के अध्ययन की पहली रिपोर्ट में पुल पर गाइडबंध बनाया जाना जरुरी बताया गया था। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन शैलेंद्र सारस्वत ने बताया कि ठेकेदार को कार्य शुरू करने के लिए नोटिस दिया गया है। ब्यूरो/संवाद
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जाग जाते जिम्मेदार तो गंगा में न होता नाव हादसा
चांदपुर से हस्तिनापुर के बीच अवैध रूप से चलती रही नाव
न पुलिस ने संज्ञान लिया और न ही सिंचाई विभाग ने
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। अगर पुलिस, प्रशासन ,सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने जिम्मेदारी निभाई होती तो भीकुंड गंगा पुल पर नाव हादसा न होता। जुलाई में 28 तारीख को पुल की एप्रोच रोड बह जाने के बाद से ही यहां अवैध रूप से नाव चल रही थी।
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चिंताजनक ये है कि नाव चांदपुर थाने की नारनौर पुलिस चौकी के पाससेही गुजरती थी। दस लोगों की क्षमता वाली नाव में 15 लोग और आठ मोटरसाइकिलें थीं। नाव में ही कई बार ट्रैक्टर और बुग्गी तक लाद दी जाती थी। एसडीएम मवाना अखिलेश यादव ने एक माह पूर्व थाना पुलिस को नाव के अवैध संचालन को रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटी। गंगा पुल की एप्रोच रोड में बनाने में पीडब्ल्यूडी विभाग की भी लापरवाही सामने आ रही है। हस्तिनापुर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की खेती गंगा पार है। ये किसान फसलों के लिए ही जान दांव पर लगाकर गंगा पार करते हैं।
लोग कई बार खुद ही ले जाते थे नाव
गंगा पुल के आसपास खेती करने वाले किसानों ने बताया कि गंगा घाट पर हर रोज सुबह सैकड़ों लोग एकत्रित हो जाते थे। जिस दिन यहां पर नाविक लेट हो जाते थे तो लोग खुद ही नाव चांदपुर की ओर ले जाते थे।
आप ने सौंपा ज्ञापन, 20-20 लाख मुआवजे की मांग
मेरठ। भीकुंड में नाव हादसे में मारे गए मोनू शर्मा और शिक्षक महेश चंद शर्मा के परिवार को 28-28 लाख रुपये की सहायता के लिए आम आदमी पार्टी ने कमिश्नरी में ज्ञापन दिया। आप जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने पीड़ित परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। इस अवसर पर जिला महासचिव जीएस राजवंशी, एसके शर्मा, देशवीर, ओमदत्त त्यागी, विशाल शर्मा, वैभव आदि रहे।