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Meerut News: ग्रामीण स्टेडियम योजना में ढिलाई पर प्रशासन सख्त
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- जिलाधिकारी ने भूमि चयन में तेजी लाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। तहसील क्षेत्र में ग्रामीण स्टेडियम निर्माण योजना की सुस्त प्रगति पर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने गंभीरता से संज्ञान लेने के लिए कहा है। उन्होंने एसडीएम सरधना को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने तहसील क्षेत्र के विकास खंडों में मानक के अनुरूप भूमि चिह्नित कर शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक विकास खंड में चरणबद्ध तरीके से एक ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए न्यूनतम तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराना अनिवार्य है, जिसे राजस्व अभिलेखों में युवा कल्याण विभाग के नाम दर्ज कराते हुए प्रस्ताव भेजना होता है। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पूर्व में कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक तहसील से भूमि चयन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए हैं। इस संबंध में उच्च स्तर पर भी असंतोष व्यक्त किया गया है और एक माह के भीतर प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह तत्काल भूमि का निरीक्षण कर मानकों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल कार्यालय को भेजें तथा इसकी सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सरधना। तहसील क्षेत्र में ग्रामीण स्टेडियम निर्माण योजना की सुस्त प्रगति पर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने गंभीरता से संज्ञान लेने के लिए कहा है। उन्होंने एसडीएम सरधना को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने तहसील क्षेत्र के विकास खंडों में मानक के अनुरूप भूमि चिह्नित कर शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक विकास खंड में चरणबद्ध तरीके से एक ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए न्यूनतम तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराना अनिवार्य है, जिसे राजस्व अभिलेखों में युवा कल्याण विभाग के नाम दर्ज कराते हुए प्रस्ताव भेजना होता है। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पूर्व में कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक तहसील से भूमि चयन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए हैं। इस संबंध में उच्च स्तर पर भी असंतोष व्यक्त किया गया है और एक माह के भीतर प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह तत्काल भूमि का निरीक्षण कर मानकों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल कार्यालय को भेजें तथा इसकी सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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