बड़ी कार्रवाई: ज्ञानेंद्र चौधरी के आलीशान होटल दोआब विलास को प्रशासन ने किया सील
भूमाफिया घोषित किए गए अवैध पेट्रोल पंप के मलिक ज्ञानेन्द्र चौधरी के बाइपास स्थित विवादित होटल दोआब विलास पर आखिरकार प्रशासन का शिकंजा कस ही गया। सोमवार दोपहर को भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंची एमडीए और नगर निगम की टीम ने होटल पर सील लगा दी।
बाईपास स्थित होटल दोआब पर एमडीए द्वारा दिए गए तीसरे नोटिस की मियाद शनिवार को खत्म हो गई। इससे पहले नोटिस के जवाब में भू-माफिया ज्ञानेंद्र चौधरी और सचिन चौधरी ने मैनेजर के हस्ताक्षर से एमडीए में होटल की कंपाउंडिंग के लिए फाइल भेजी थी। जिसे एमडीए अधिकारियों ने लौटा दिया। अधिकारियों का कहना है कि फाइल पर होटल मालिक के हस्ताक्षर नहीं थे। बिना हस्ताक्षर फाइल मंजूर नहीं की जा सकती थी।
ग्राम डूंगरावली के पास एनएच-58 पर छोईया (नाला) है। यह नाला एनएच-58 के किनारे से होकर गुजर रहा है। नाले के किनारे ज्ञानेंद्र चौधरी और सचिन चौधरी ने आलीशान होटल दोआब विलास का निर्माण किया है। इस होटल निर्माण में इन लोगों ने नाले पर भी कब्जा करते हुए करीब 946 वर्ग मीटर जमीन कब्जा ली। जिसकी कीमत 26 लाख से ज्यादा आंकी गई है।
दरअसल, होटल दोआब में क्लब का नक्शा पास कराकर निर्माण करा लिया गया। हाल ही में प्रशासन ने होटल मालिक से सात दिन के भीतर में जवाब मांगा था। इसके पहले भी एमडीए दो बार होटल को नोटिस देकर जवाब मांग चुका है। वहीं होटल मालिक ज्ञानेंद्र चौधरी पूरे प्रकरण के की शुरूआत से ही फरार चल रहा है। पुलिस भू-माफिया ज्ञानेन्द्र चौधरी और सचिन चौधरी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।