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जूस में खराब रंग और गंदा बर्फ मिलाया तो होगी कार्रवाई
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मेरठ। जूस, शिकंजी या अन्य पेय पदार्थ को ठंडा करने के लिए गंदा बर्फ या खराब रंग मिलाकर बिक्री करने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने टीमें गठित की हैं। ये टीमें नगर क्षेत्र के अलावा तीन तहसीलों में 20 मई तक विशेष चेकिंग अभियान चलाएंगी। शुक्रवार को कार्रवाई के साथ कुछ स्थलों को निरीक्षण कर जगह चिह्नित की गई। इस दौरान 11 जगहों से सैंपल दिए गए। इसमें गंदी बर्फ का प्रयोग करने वाले जूस कॉर्नर भी शामिल रहे। सोमवार को बड़े स्तर पर कार्रवाई होगी।
शहर में दो टीम और तीन टीमें तहसीलों में जांच के लिए नियुक्त की गई। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी में गंदे पानी से बनी बर्फ का प्रयोग कर तैयार किए गए पेय पदार्थों के कारण लोग पेट संबंधी रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं। बर्फ का प्रयोग औद्योगिक कार्यों और बर्फ से बने ठंडे पेय पदार्थों में किया जाता है। इसके लिए बर्फ निर्माताओं को लाइसेंस भी दिया जाता है। वहीं, मुनाफा कमाने के लिए बहुत से लोग गंदे पानी से बर्फ तैयार कर बाजार में सप्लाई कर देते हैं।
टीम ने 11 स्थानों से लिए नमूने
- टीम ने गंगानगर दिल्ली जूस एंड स्नैक्स से मौसमी के जूस, जयदेवीनगर एएस ट्रेडर्स से क्रिमी वनीला, जयदेवीनगर एएस ट्रेडर्स से चॉकलेट चिप्स वनीला, गंगानगर सचल वाहन से गाय का दूध, शास्त्रीनगर एल ब्लॉक से मिश्रित दूध, रोहटा रोड अरनावली कृष्णा मिल्क प्रोडक्टस से मिल्क केक, प्रिंस जूस से टी लीव्ज, कंकरखेड़ा गणपति विहार श्रीजी ट्रेडर्स से सोया चाप, पल्लवपुरम भारत डेयरी से घी के सैंपल लिए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को ऐसे स्थानों और प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया गया है। टीमों ने अपने अपने क्षेत्रों में कार्यवाही के लिए स्थान भी निश्चित किए हैं। शुक्रवार को भी कार्यवाही की गई है। आगामी तीन दिनों में टीम बड़े स्तर पर कार्रवाई करेगी।
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शहर में दो टीम और तीन टीमें तहसीलों में जांच के लिए नियुक्त की गई। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी में गंदे पानी से बनी बर्फ का प्रयोग कर तैयार किए गए पेय पदार्थों के कारण लोग पेट संबंधी रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं। बर्फ का प्रयोग औद्योगिक कार्यों और बर्फ से बने ठंडे पेय पदार्थों में किया जाता है। इसके लिए बर्फ निर्माताओं को लाइसेंस भी दिया जाता है। वहीं, मुनाफा कमाने के लिए बहुत से लोग गंदे पानी से बर्फ तैयार कर बाजार में सप्लाई कर देते हैं।
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टीम ने 11 स्थानों से लिए नमूने
- टीम ने गंगानगर दिल्ली जूस एंड स्नैक्स से मौसमी के जूस, जयदेवीनगर एएस ट्रेडर्स से क्रिमी वनीला, जयदेवीनगर एएस ट्रेडर्स से चॉकलेट चिप्स वनीला, गंगानगर सचल वाहन से गाय का दूध, शास्त्रीनगर एल ब्लॉक से मिश्रित दूध, रोहटा रोड अरनावली कृष्णा मिल्क प्रोडक्टस से मिल्क केक, प्रिंस जूस से टी लीव्ज, कंकरखेड़ा गणपति विहार श्रीजी ट्रेडर्स से सोया चाप, पल्लवपुरम भारत डेयरी से घी के सैंपल लिए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को ऐसे स्थानों और प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया गया है। टीमों ने अपने अपने क्षेत्रों में कार्यवाही के लिए स्थान भी निश्चित किए हैं। शुक्रवार को भी कार्यवाही की गई है। आगामी तीन दिनों में टीम बड़े स्तर पर कार्रवाई करेगी।
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