मवाना। सरकार जल संरक्षण के लिए तालाबों की खुदाई कराने के साथ विशेष अभियान के जरिए लोगों को जागरूक कर रही है। इसके बावजूद लोगों में अभी तक जागरूकता का अभाव है। जिसके चलते पानी की बर्बादी की जा रही है। मेरठ जिले के माछरा ब्लॉक अंतर्गत एक गांव ऐसा भी है, जिसके प्रधान ने ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ बैठक कर जल संरक्षण अभियान की कमान संभाली है। ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कर तहसीलदार को सौंपा और नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति मांगी।
मानसून से पहले हर वर्ष सरकार जल संरक्षण को लेकर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करके तालाबों की खुदाई एवं सफाई कराती है। इसके बावजूद बहुत से गांव आज भी ऐसे हैं, जहां तालाबों की खुदाई नहीं हो सकी है। वर्तमान में मानसूनी बारिश हो रही है, लेकिन जल संरक्षण की बाबत अधिकारी से लेकर आम नागरिक तक गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। मवाना तहसील के माछरा ब्लॉक के गांव बहरोड़ा की बात करें तो यहां की प्रधान शाहदल बानो ने लेखपाल उद्यम सिंह के साथ जल संरक्षण की जिम्मेदारी लेते हुए बैठक का आयोजन किया। इसमें जल संरक्षण का मुद्दा रखा। जिसमें खसरा संख्या 291 तालाब की खुदाई कराने एवं जल निगम द्वारा लगाई गई टंकी एवं टोटी से पेयजल की बर्बादी रोकने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही सभी ने बैठक में यह प्रस्ताव रखा की गांव में बड़े स्तर पर सबमर्सिबल लगे हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि कोई भी भूजल का महत्व नहीं समझ रहा है। सबमर्सिबल से पानी की बर्बादी करने वालों पर शिकंजा कसने की जरूरत है। इसका बैठक में प्रस्ताव रखा गया। इसकी एक प्रतिलिपि शुक्रवार को ग्राम प्रधान एवं पंचायत सदस्यों ने तहसीलदार को सौंपी और आवश्यक कार्रवाई करने की अनुमति मांगी। ग्राम पंचायत के इस फैसले पर तहसीलदार ने हरी झंडी दे दी। इससे अब भूजल की बर्बादी करने वालों की खैर नहीं है। ग्राम प्रधान शाहदल बानो का कहना है कि जल अमूल्य है और इसे बचाना सभी की जिम्मेदारी है। आजकल सबमर्सिबल के जरिए पानी बर्बाद किया जा रहा है। इसलिए इस पर नियंत्रण करना बेहद जरूरी है। वहीं, तहसीलदार अशोक गुप्ता का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा की गई पहल अच्छी है। यदि हर गांव के प्रधान इसी तरह प्रयास करें तो जल संरक्षण में कोई दिक्कत नहीं आएगी। तहसीलदार से मुलाकात करने वालों में ताज मोहम्मद, फरमान, रामवीर, अकबर, कय्यूम, ओमप्रकाश, इकराम, मोहम्मद आमिल, नसीम आदि रहे।