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Meerut News: शराब के नशे में पहुंचे शिक्षक पर कार्रवाई, अभिभावकों में रोष
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परीक्षितगढ़। क्षेत्र के गांव पसवाड़ा स्थित प्राइमरी विद्यालय नंबर–2 में शनिवार सुबह शिक्षक हंसवीर पुत्र लख्मीचंद, निवासी तोहफापुर शराब के नशे में स्कूल पहुंच गए। शिक्षक के हंगामे से बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई और वातावरण तनावपूर्ण बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लेकर सीएचसी में मेडिकल परीक्षण कराया तथा धारा 34 में कार्रवाई करते हुए परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
हंसवीर दो वर्षों से इसी विद्यालय में तैनात हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार सुबह वह नशे की हालत में स्कूल आए और बच्चों, अभिभावकों व आंगनबाड़ी कार्यकत्री के सामने अभद्र व्यवहार करने लगे। हंगामा बढ़ता देख अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। प्रधानाध्यापिका मंजू के अनुसार, सहकर्मी शिक्षक और अभिभावकों से जानकारी मिलने पर इस घटना की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया।
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य का आधार होता है। ऐसे में शिक्षक का बार-बार नशे में स्कूल आना बच्चों पर खराब प्रभाव डालता है। ग्रामीणों ने दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाध्यापिका मंजू ने बताया कि घटना के समय वह बीएलओ में एसआईआर संबंधी कार्यों में व्यस्त थीं। उधर, थानाध्यक्ष सुदीश कुमार सिरोही ने पुष्टि करते हुए कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर शिक्षक का मेडिकल कराया गया है और कानूनी कार्रवाई के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
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दो वर्ष पूर्व हुए थे निलंबित
गौरतलब है कि हंसवीर की यह पहली घटना नहीं है। दो वर्ष पहले भी वह नवीपुर के प्राइमरी विद्यालय में तैनाती के दौरान शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में निलंबित हो चुके हैं। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें वहां से हटाकर पसवाड़ा के विद्यालय में तैनात किया गया था, लेकिन व्यवहार में सुधार नहीं आया है।
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हंसवीर दो वर्षों से इसी विद्यालय में तैनात हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार सुबह वह नशे की हालत में स्कूल आए और बच्चों, अभिभावकों व आंगनबाड़ी कार्यकत्री के सामने अभद्र व्यवहार करने लगे। हंगामा बढ़ता देख अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। प्रधानाध्यापिका मंजू के अनुसार, सहकर्मी शिक्षक और अभिभावकों से जानकारी मिलने पर इस घटना की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया।
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ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य का आधार होता है। ऐसे में शिक्षक का बार-बार नशे में स्कूल आना बच्चों पर खराब प्रभाव डालता है। ग्रामीणों ने दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाध्यापिका मंजू ने बताया कि घटना के समय वह बीएलओ में एसआईआर संबंधी कार्यों में व्यस्त थीं। उधर, थानाध्यक्ष सुदीश कुमार सिरोही ने पुष्टि करते हुए कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर शिक्षक का मेडिकल कराया गया है और कानूनी कार्रवाई के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
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दो वर्ष पूर्व हुए थे निलंबित
गौरतलब है कि हंसवीर की यह पहली घटना नहीं है। दो वर्ष पहले भी वह नवीपुर के प्राइमरी विद्यालय में तैनाती के दौरान शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में निलंबित हो चुके हैं। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें वहां से हटाकर पसवाड़ा के विद्यालय में तैनात किया गया था, लेकिन व्यवहार में सुधार नहीं आया है।