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शिकायत निस्तारण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई
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शिकायत निस्तारण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई
मेरठ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समय से निस्तारण करने के आदेश दिए हैं। लेकिन जिले के 63 अधिकारी इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने इन अधिकारियों से जवाब तलब कर छह का वेतन भी रोकने की कार्रवाई की है। उन्होंने सभी 63 अधिकारियों को एक दिन के भीतर जनसुनवाई के प्रकरणों पर निस्तारण करने के आदेश दिए हैं।
डीएम ने आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाले प्रकरणों का जल्द समाधान करने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी अधिकारियों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। मुख्यमंत्री ने 10 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समस्याओं के निस्तारण न किए जाने पर नाराजगी जताई थी। इस मामले को गंभीरता से न लेने पर नगर निगम के मुख्य अभियंता यशवंत सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी गजेंद्र सिंह, जानीखुर्द सीएचसी, पीएचसी अधीक्षक, दौराला, जानी और मवाना के पंचायत सहायक विकास अधिकारी के वेतन पर रोक लगा दी गई है।
193 लंबित प्रकरण में नंबर वन नगर निगम
आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण न करने के मामले में सबसे आगे नगर निगम है। नगर निगम के पास 193 प्रकरण लंबित हैं। इसके अलावा 65 विभागों ने भी समस्याओं का निस्तारण समय पर नहीं किया है। इसकी सूची विभागवार जारी कर दी गई है। इसमें तीनों तहसील में लंबित प्रकरण भी शामिल हैं।
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इन अधिकारियों के पास लंबित प्रकरण
पुलिस क्षेत्राधिकारी मवाना - 1, अपर नगरायुक्त - 4, जिला आबकारी अधिकारी -10, जिला विद्यालय निरीक्षक - 11, अधिशासी अभियंता सिंचाई नोडल - 15, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी - 9, तहसीलदार सरधना - 9, तहसीलदार मवाना - 1, तहसीलदार सदर - 8, सब रजिस्टार मेरठ सदर - 33, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग - 14, बीडीओ माछरा - 6, बीडीओ मवाना कलां - 4, बीडीओ परिक्षितगढ़ - 1, बीडीओ रजपुरा - 13, अधिशासी अधिकारी सरधना - 2, अधिशासी अधिकारी मवाना - 2, अधिशासी अधिकारी करनावल -1, अधिशासी अधिकारी परीक्षितगढ़ -1, अधिशासी अधिकारी सिवालखास -1, अधिशासी अधिकारी बहसूमा -1, अधिशासी अधिकारी खरखौदा -1, परियोजना अधिकारी डूडा -1,वरिष्ठ निरीक्षक बाट माप -1, जिला पंचायत राज अधिकारी -15, खाद्य पूर्ति निरीक्षक मवाना -3, सहायक विकास अधिकारी रोहटा -1, खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षितगढ़ -1, खंड शिक्षा अधिकारी रोहटा -3, खंड शिक्षा अधिकारी मेरठ -3, उप निदेशक कृषि -3, पुलिस क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन -1, सहायक अभियंता भूभर्ग - 3, सहायक निदेशक रेशम -6, प्रधानाचार्य आईटीआई मेरठ -1, अधिशासी अभियंता यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर -3, प्रबंधक दुग्ध विकास विभाग -1, बीडीओ दौराला -1, बीडीओ हस्तिनानपुर -1, बीडीओ सरुरपुर खुर्द -1, अधिशासी अभियंता जल निगम -2, अधिशासी अभियंता जल निगम यांत्रिक -1, प्रभारी अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन -13, प्रधानाचार्य प्राविधिक शिक्षा -3, सहायक विकास अधिकारी परीक्षितगढ़ -1, मुख्य अभियंता विद्युत -2, अधिशासी अभियंता ग्रामीण विद्युत -2, उप खंड अधिकारी विद्युत मवाना -17, उप खंड अधिकारी विद्युत सरधना -16, उप खंड अधिकारी सरधना -3, उप खंड अधिकारी विद्युत मेरठ - 82, अधीक्षक सीएचसी, पीएचसी, खरखौदा, माछरा, मवाना कलां, मेरठ, रजपुरा, रोहटा, सरधना, सरुरपुर खुर्द, हस्तिनापुर -78, जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास अधिकारी-2।
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मेरठ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समय से निस्तारण करने के आदेश दिए हैं। लेकिन जिले के 63 अधिकारी इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने इन अधिकारियों से जवाब तलब कर छह का वेतन भी रोकने की कार्रवाई की है। उन्होंने सभी 63 अधिकारियों को एक दिन के भीतर जनसुनवाई के प्रकरणों पर निस्तारण करने के आदेश दिए हैं।
डीएम ने आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाले प्रकरणों का जल्द समाधान करने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी अधिकारियों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। मुख्यमंत्री ने 10 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समस्याओं के निस्तारण न किए जाने पर नाराजगी जताई थी। इस मामले को गंभीरता से न लेने पर नगर निगम के मुख्य अभियंता यशवंत सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी गजेंद्र सिंह, जानीखुर्द सीएचसी, पीएचसी अधीक्षक, दौराला, जानी और मवाना के पंचायत सहायक विकास अधिकारी के वेतन पर रोक लगा दी गई है।
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193 लंबित प्रकरण में नंबर वन नगर निगम
आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण न करने के मामले में सबसे आगे नगर निगम है। नगर निगम के पास 193 प्रकरण लंबित हैं। इसके अलावा 65 विभागों ने भी समस्याओं का निस्तारण समय पर नहीं किया है। इसकी सूची विभागवार जारी कर दी गई है। इसमें तीनों तहसील में लंबित प्रकरण भी शामिल हैं।
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इन अधिकारियों के पास लंबित प्रकरण
पुलिस क्षेत्राधिकारी मवाना - 1, अपर नगरायुक्त - 4, जिला आबकारी अधिकारी -10, जिला विद्यालय निरीक्षक - 11, अधिशासी अभियंता सिंचाई नोडल - 15, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी - 9, तहसीलदार सरधना - 9, तहसीलदार मवाना - 1, तहसीलदार सदर - 8, सब रजिस्टार मेरठ सदर - 33, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग - 14, बीडीओ माछरा - 6, बीडीओ मवाना कलां - 4, बीडीओ परिक्षितगढ़ - 1, बीडीओ रजपुरा - 13, अधिशासी अधिकारी सरधना - 2, अधिशासी अधिकारी मवाना - 2, अधिशासी अधिकारी करनावल -1, अधिशासी अधिकारी परीक्षितगढ़ -1, अधिशासी अधिकारी सिवालखास -1, अधिशासी अधिकारी बहसूमा -1, अधिशासी अधिकारी खरखौदा -1, परियोजना अधिकारी डूडा -1,वरिष्ठ निरीक्षक बाट माप -1, जिला पंचायत राज अधिकारी -15, खाद्य पूर्ति निरीक्षक मवाना -3, सहायक विकास अधिकारी रोहटा -1, खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षितगढ़ -1, खंड शिक्षा अधिकारी रोहटा -3, खंड शिक्षा अधिकारी मेरठ -3, उप निदेशक कृषि -3, पुलिस क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन -1, सहायक अभियंता भूभर्ग - 3, सहायक निदेशक रेशम -6, प्रधानाचार्य आईटीआई मेरठ -1, अधिशासी अभियंता यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर -3, प्रबंधक दुग्ध विकास विभाग -1, बीडीओ दौराला -1, बीडीओ हस्तिनानपुर -1, बीडीओ सरुरपुर खुर्द -1, अधिशासी अभियंता जल निगम -2, अधिशासी अभियंता जल निगम यांत्रिक -1, प्रभारी अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन -13, प्रधानाचार्य प्राविधिक शिक्षा -3, सहायक विकास अधिकारी परीक्षितगढ़ -1, मुख्य अभियंता विद्युत -2, अधिशासी अभियंता ग्रामीण विद्युत -2, उप खंड अधिकारी विद्युत मवाना -17, उप खंड अधिकारी विद्युत सरधना -16, उप खंड अधिकारी सरधना -3, उप खंड अधिकारी विद्युत मेरठ - 82, अधीक्षक सीएचसी, पीएचसी, खरखौदा, माछरा, मवाना कलां, मेरठ, रजपुरा, रोहटा, सरधना, सरुरपुर खुर्द, हस्तिनापुर -78, जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास अधिकारी-2।