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Meerut News: अष्टान्हिका महापर्व से पहले हस्तिनापुर में आचार्य विमर्श सागर का मंगल प्रवेश
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हस्तिनापुर में विमर्श सागर महाराज के मंगल प्रवेश पर भव्य स्वागत करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
संवाद समाचार एजेंसी
हस्तिनापुर। तीर्थनगरी में रविवार को आचार्य विमर्श सागर महाराज का ससंघ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर परिसर में प्रातःकाल श्रद्धालुओं ने आचार्य का जयघोष के साथ स्वागत किया। मंदिर प्रांगण भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
आचार्य विमर्श सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धर्म, संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। धर्म ही मानव जीवन का वास्तविक आधार है। आत्मानुशासन से ही व्यक्ति सच्चे सुख की प्राप्ति कर सकता है। उनके प्रेरणादायी प्रवचन सुनने के लिए मवाना, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने आचार्य के श्रीमुख से निकले अमृतमय वचनों का लाभ लिया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। क्षेत्र के पदाधिकारियों ने बताया कि आचार्य के आगमन से संपूर्ण क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ है।
प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर के प्रबंधक मुकेश जैन ने बताया कि मंगलवार से अष्टाह्निका महापर्व के अवसर पर श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय में सिद्धचक्र महामंडल विधान आचार्य के ससंघ सानिध्य में प्रारंभ होगा। इस दौरान प्रतिदिन उनके मंगलमय प्रवचनों का लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
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इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन सहित अनेक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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हस्तिनापुर। तीर्थनगरी में रविवार को आचार्य विमर्श सागर महाराज का ससंघ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर परिसर में प्रातःकाल श्रद्धालुओं ने आचार्य का जयघोष के साथ स्वागत किया। मंदिर प्रांगण भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
आचार्य विमर्श सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धर्म, संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। धर्म ही मानव जीवन का वास्तविक आधार है। आत्मानुशासन से ही व्यक्ति सच्चे सुख की प्राप्ति कर सकता है। उनके प्रेरणादायी प्रवचन सुनने के लिए मवाना, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने आचार्य के श्रीमुख से निकले अमृतमय वचनों का लाभ लिया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। क्षेत्र के पदाधिकारियों ने बताया कि आचार्य के आगमन से संपूर्ण क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ है।
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प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर के प्रबंधक मुकेश जैन ने बताया कि मंगलवार से अष्टाह्निका महापर्व के अवसर पर श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय में सिद्धचक्र महामंडल विधान आचार्य के ससंघ सानिध्य में प्रारंभ होगा। इस दौरान प्रतिदिन उनके मंगलमय प्रवचनों का लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
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इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन सहित अनेक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।