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50 हजारी हत्यारोपी वेशभूषा बदलकर आगरा में 4 साल से काट रहा था फरारी, एसटीएफ ने दबोचा
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वृंदावन के मंदिर में महाराज बनकर रह रहा था हत्यारोपी दीपक
मेरठ। 50 हजार का इनामी हत्यारोपी दीपक चौधरी को चार साल बाद एसटीएफ ने आगरा से गिरफ्तार करने के बाद पल्लवपुरम पुलिस को सौंप दिया। दीपक चार साल से आगरा और मथुरा में वेशभूषा बदलकर रह रहा था। वह मथुरा के वृंदावन मंदिर में महाराज बनकर भी रहा। फरारी के दौरान उसने साक्षी नाम की लड़की से तीसरी शादी कर ली थी।
वर्ष 2003 में पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के क्वींसलैंड पार्क कॉलोनी निवासी दीपक चौधरी की शादी मंजू निवासी शामली से हुई थी। शादी के दो साल बाद मंजू ने बेटी को जन्म दिया था। मंजू ने अपनी बहन प्रीति को बुला लिया। दीपक और प्रीति में संबंध हो गए। मंजू ने काफी विरोध किया, लेकिन दीपक और प्रीति नहीं माने। वर्ष 2017 में सहमति से तीनों साथ में रहने लगे। मंजू मोदीनगर में और प्रीति क्वींसलैंड पार्क कॉलोनी पल्लवपुरम में रहने लगी।
कुछ समय बाद दीपक और प्रीति के बीच मनमुटाव रहने लगा। 30 दिसंबर 2017 को दीपक ने प्रीति की हत्या कर दी और फरार हो गया। इस मामले में मेरठ पुलिस ने दीपक पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। इसके बाद से दीपक आगरा में वेशभूषा बदलकर रह रहा था। यहां साक्षी नाम की लड़की को गुमराह कर शादी की। उसने बताया था कि पत्नी की हादसे में मौत हो गई और ससुराल वालों ने हत्या का केस दर्ज करा दिया। इसके चलते साक्षी भी उसे बचाने में मदद करती रही।
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अब सटीक सूचना पर एसटीएफ ने दीपक को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दीपक ने साली प्रीति हत्या की वारदात कबूल की। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि दीपक मथुरा के वृंदावन में एक मंदिर में महाराज बनकर रह रहा था। आगरा में साक्षी को एक मकान में रखा था। एसटीएफ ने दीपक को पल्लवपुरम पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद कोर्ट में पेश कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
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मेरठ। 50 हजार का इनामी हत्यारोपी दीपक चौधरी को चार साल बाद एसटीएफ ने आगरा से गिरफ्तार करने के बाद पल्लवपुरम पुलिस को सौंप दिया। दीपक चार साल से आगरा और मथुरा में वेशभूषा बदलकर रह रहा था। वह मथुरा के वृंदावन मंदिर में महाराज बनकर भी रहा। फरारी के दौरान उसने साक्षी नाम की लड़की से तीसरी शादी कर ली थी।
वर्ष 2003 में पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के क्वींसलैंड पार्क कॉलोनी निवासी दीपक चौधरी की शादी मंजू निवासी शामली से हुई थी। शादी के दो साल बाद मंजू ने बेटी को जन्म दिया था। मंजू ने अपनी बहन प्रीति को बुला लिया। दीपक और प्रीति में संबंध हो गए। मंजू ने काफी विरोध किया, लेकिन दीपक और प्रीति नहीं माने। वर्ष 2017 में सहमति से तीनों साथ में रहने लगे। मंजू मोदीनगर में और प्रीति क्वींसलैंड पार्क कॉलोनी पल्लवपुरम में रहने लगी।
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कुछ समय बाद दीपक और प्रीति के बीच मनमुटाव रहने लगा। 30 दिसंबर 2017 को दीपक ने प्रीति की हत्या कर दी और फरार हो गया। इस मामले में मेरठ पुलिस ने दीपक पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। इसके बाद से दीपक आगरा में वेशभूषा बदलकर रह रहा था। यहां साक्षी नाम की लड़की को गुमराह कर शादी की। उसने बताया था कि पत्नी की हादसे में मौत हो गई और ससुराल वालों ने हत्या का केस दर्ज करा दिया। इसके चलते साक्षी भी उसे बचाने में मदद करती रही।
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अब सटीक सूचना पर एसटीएफ ने दीपक को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दीपक ने साली प्रीति हत्या की वारदात कबूल की। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि दीपक मथुरा के वृंदावन में एक मंदिर में महाराज बनकर रह रहा था। आगरा में साक्षी को एक मकान में रखा था। एसटीएफ ने दीपक को पल्लवपुरम पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद कोर्ट में पेश कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।