{"_id":"6095abfe8ebc3e8dc4569dc7","slug":"accusations-of-traders-sale-of-fake-sanitizer-city-news-mrt537456468","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यापारियों का आरोप, नकली सैनिटाइजर की हो रही बिक्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यापारियों का आरोप, नकली सैनिटाइजर की हो रही बिक्री
विज्ञापन
व्यापारियों का आरोप, नकली सैनिटाइजर की हो रही बिक्री
मेरठ। कोरोना की महामारी में मास्क के साथ सैनिटाइजर ही बचाव का मुख्य साधन है। कुछ दवा कारोबारियों का आरोप है कि बढ़ती मांग का फायदा उठाने के चक्कर में मिलावटी और नकली सैनिटाइजर की भी बिक्री की जा रही है।
यह मिलावटी मिथेनॉल सेहत के लिए हानिकारक है। खैरनगर में ठेलों और दुकानों के सामने स्टॉल लगाकर लोग ऐसे सैनिटाइजर बेच रहे हैं। इसलिए ब्रांडेड और गुणवत्ता युक्त सैनिटाइजर ही खरीदें।
शहर की प्रमुख दवा मार्केट खैरनगर में नकली सेनिटाइजर की 100 एमएल की बोतल काफी कम रेट पर 35 रुपये में बेची जा रही है। इसी से इसकी गुणवत्ता का अंदाजा लग रहा है। इन सैनिटाइजर में मिथेनॉल का प्रयोग किया जा रहा है। कंज्यूमर गाइडेंस सोसायटी ऑफ इंडिया ने भी देशभर में ऐसे सैनिटाइजर की बिक्री पर चिंता जताई है। देश में 122 कंपनियों के सैंपल लिए गए। इसमें 45 सैंपल में मिलावट पाई गई। शहर में गंगानगर, मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, श्रद्धापुरी रोड, रोहटा रोड क्षेत्र के कुछ मेडिकल स्टोर संचालक मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में ऐसे सैनिटाइजर बेच रहे हैं।
विज्ञापन
सैनिटाइजर लेते समय ये रखें ध्यान..
- अगर किसी मेडिकल स्टोर से सेनिटाइजर खरीदें तो बिल की मांग कर सकते हैं।
- आईसोप्रोफाइल एल्कोहल या एथेनॉल युक्त सैनिटाइजर की अनुमति दी गई है।
- 68 फीसदी से कम एथेनॉल वाले सैनिटाइजर ज्यादा असरदार नहीं होते
- सस्ते के चक्कर में न पड़े चर्चित ब्रांड के ही सैनिटाइजर खरीदें।
दवा एसोसिएशन ने की कार्रवाई की मांग
मेरठ ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री घनश्याम मित्तल ने कहा कि नकली सैनिटाइजर बेचने वालों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोग लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
ड्रग लाइसेंस वालों को दी जाए बिक्री की अनुमति
ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन में महामंत्री रजनीश कौशल ने कहा कि जिन व्यापारियों के पास ड्रग बेचना का लाइसेंस हों, उन्हीं को कोविड से संबंधित कुछ भी वस्तु बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए। संगठन इस संबंध में ड्रग विभाग सहित जिला प्रशासन को समस्या के संबंध में अवगत करा कार्यवाही की मांग करेगा।
बाजारों से लिए जाएंगे सैनिटाइजर के सैंपल
मार्केट से सैनिटाइजर के सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे। इस संबंध में ड्रग विभाग को भी अवगत कराया जाएगा। साथ ही इस बात की भी जांच होगी कि नकली सैनिटाइजर का कहां निर्माण हो रहा है। अगर कहीं बिना लाइसेंस निर्माण कार्य पाया गया तो उस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। - आरिफ जमील, असिस्टेंट कमिशनर, आबकारी विभाग।
विज्ञापन
मेरठ। कोरोना की महामारी में मास्क के साथ सैनिटाइजर ही बचाव का मुख्य साधन है। कुछ दवा कारोबारियों का आरोप है कि बढ़ती मांग का फायदा उठाने के चक्कर में मिलावटी और नकली सैनिटाइजर की भी बिक्री की जा रही है।
यह मिलावटी मिथेनॉल सेहत के लिए हानिकारक है। खैरनगर में ठेलों और दुकानों के सामने स्टॉल लगाकर लोग ऐसे सैनिटाइजर बेच रहे हैं। इसलिए ब्रांडेड और गुणवत्ता युक्त सैनिटाइजर ही खरीदें।
विज्ञापन
शहर की प्रमुख दवा मार्केट खैरनगर में नकली सेनिटाइजर की 100 एमएल की बोतल काफी कम रेट पर 35 रुपये में बेची जा रही है। इसी से इसकी गुणवत्ता का अंदाजा लग रहा है। इन सैनिटाइजर में मिथेनॉल का प्रयोग किया जा रहा है। कंज्यूमर गाइडेंस सोसायटी ऑफ इंडिया ने भी देशभर में ऐसे सैनिटाइजर की बिक्री पर चिंता जताई है। देश में 122 कंपनियों के सैंपल लिए गए। इसमें 45 सैंपल में मिलावट पाई गई। शहर में गंगानगर, मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, श्रद्धापुरी रोड, रोहटा रोड क्षेत्र के कुछ मेडिकल स्टोर संचालक मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में ऐसे सैनिटाइजर बेच रहे हैं।
विज्ञापन
सैनिटाइजर लेते समय ये रखें ध्यान..
- अगर किसी मेडिकल स्टोर से सेनिटाइजर खरीदें तो बिल की मांग कर सकते हैं।
- आईसोप्रोफाइल एल्कोहल या एथेनॉल युक्त सैनिटाइजर की अनुमति दी गई है।
- 68 फीसदी से कम एथेनॉल वाले सैनिटाइजर ज्यादा असरदार नहीं होते
- सस्ते के चक्कर में न पड़े चर्चित ब्रांड के ही सैनिटाइजर खरीदें।
दवा एसोसिएशन ने की कार्रवाई की मांग
मेरठ ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री घनश्याम मित्तल ने कहा कि नकली सैनिटाइजर बेचने वालों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोग लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
ड्रग लाइसेंस वालों को दी जाए बिक्री की अनुमति
ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन में महामंत्री रजनीश कौशल ने कहा कि जिन व्यापारियों के पास ड्रग बेचना का लाइसेंस हों, उन्हीं को कोविड से संबंधित कुछ भी वस्तु बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए। संगठन इस संबंध में ड्रग विभाग सहित जिला प्रशासन को समस्या के संबंध में अवगत करा कार्यवाही की मांग करेगा।
बाजारों से लिए जाएंगे सैनिटाइजर के सैंपल
मार्केट से सैनिटाइजर के सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे। इस संबंध में ड्रग विभाग को भी अवगत कराया जाएगा। साथ ही इस बात की भी जांच होगी कि नकली सैनिटाइजर का कहां निर्माण हो रहा है। अगर कहीं बिना लाइसेंस निर्माण कार्य पाया गया तो उस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। - आरिफ जमील, असिस्टेंट कमिशनर, आबकारी विभाग।