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नोटबंदी : अब नौकरी पेशा और पेंशनर्स से पार पाने की चुनौती

Thu, 01 Dec 2016 01:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 01 Dec 2016 01:32 PM IST
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ab naukri pesha aur penshioners
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 बैंकों में कैश की कमी है और सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वालों का वेतन आज से बैंकों के खातों में आना आरंभ हो जाएगा। पेंशनधारकों के खातों में भी पेंशन आनी शुरू हो जाएगी। खास बात यह है कि पिछले दिनों में जिले के बैंकों में धन आने का औसत रोजाना लगभग 25 करोड़ रुपये है, जबकि अकेले उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के ट्रेजरी से निकलने वाले वेतन एवं पेंशन के लिए लगभग 105 करोड़ रुपये से ज्यादा की जरूरत है। केंद्र सरकार, निजी कंपनियों, निजी बैंकों, उद्योगों और दूसरे निजी प्रतिष्ठानों पर काम करने वालों के वेतन का आंकड़ा कहीं ज्यादा होगा। नगर निगम और एमडीए के कर्मचारियों का वेतन भी ट्रेजरी से अलग आता है।
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महीने की पहली तारीख से बैंकों में वेतन आना आरंभ हो जाता है। इसमें सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के अलावा पेंशनधारक भी शामिल होते हैं। निजी क्षेत्र में दस तारीख तक भी वेतन दिया जाता है। कोषागार से मिली जानकारी के अनुसार कोषागार से ही यूपी सरकार के करीब 150 विभागों के कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 80 करोड़ और पेंशन के लिए 25 करोड़ की जरूरत है।
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वेतन बैंकों के खातों में पहुंचने के कारण माना जा रहा है कि बैंकों पर भीड़ और धन देने का दबाव दोनों बढ़ जाएगा। जबकि इसके मुकाबले जिले की लगभग 440 बैंक शाखाओं में औसतन रोजाना पांच लाख रुपये आते हैं। बैंक भी आने वाली भीड़ को देखते हुए सतर्कता तो बरत रहे हैं। लेकिन अधिकारियों का मानना है कि स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण होगी। हालांकि देर रात तक बैंक अफसर कैश की व्यवस्था में जुटे थे।
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कोषागार का आंकड़ा
प्रदेश के कर्मचारियों का वेतन       80 करोड़
कुल पेंशनर्स                          23 हजार
पेंशन धनराशि                        25 करोड़

पेंशनर्स को प्राथमिकता पर करेंगे भुगतान
ब्रांच में करीब एक हजार लोगों का वेतन और पेंशन आती है। कैश की शार्टेज बनी है। लेकिन कैश उपलब्ध होने पर प्राथमिकता पर पेंशनर्स को भुगतान वह खुद अपने केबिन में करेंगे ताकि उन्हें भीड़ में परेशान ना होना पडे़।- पीएन गरोठिया, प्रबंधक यूनियन बैंक दिल्ली रोड  

पेंशनर्स को खुद अटेंड करेंगे
हमारी ब्रांच में करीब सात हजार वेतन खाते और पेंशनर्स हैं। कल से इन लोगों का आना शुरू हो जाएगा। बैंक को 70 लाख प्रतिदिन की डिमांड है। लेकिन कैश शार्टेज की वजह से 15-20 प्रतिशत ही रकम मिल रही है। पेंशनर्स को भीड़ में परेशानी ना हो इसलिए वह खुद भुगतान करेंगे।- विनोद शुक्ला, मैनेजर, केनरा बैंक दिल्ली रोड


 पूरा वेतन एक साथ संभव नहीं
आज तो बैंक में कैश की हालत बेहद खराब रही। कल से पेंशनर्स और वेतन वाले आने लगेंगे। उनका प्रयास होगा कि पेंशनर्स को परेशानी ना हो। उन्हें सीधे बैंक में अपने काउंटर से भुगतान देंगे। कैश कम होेने की वजह से फिलहाल लोगों को पूरा वेतन एक साथ निकलना संभव नहीं हो सकेगा।- डीपी सिंह, प्रबंधक एसबीआई स्पोर्ट्स कांपलेक्स
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