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हर जिले में बनेगा आदर्श चौराहा
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 21 Jul 2016 02:18 AM IST
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चौराहा
- फोटो : अमर उजाला
ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मंडल के प्रत्येक जिले में आदर्श चौराहा का निर्माण किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। बाद में इस मॉडल की तर्ज पर अन्य चौराहों का विकास किया जाएगा। मंडलायुक्त ने बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में इस बाबत आदेश दिए हैं।
ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कमिश्नर आलोक सिन्हा ने आयुक्त सभागार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने जिले में ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए पायलट प्रोेजेक्ट पर काम शुरू करने के आदेश दिए।
प्रोजेक्ट के पहले चरण में मंडल के हर जिले में एक-एक चौराहे का चिन्हीकरण करके उसे आदर्श चौराहा बनाया जाएगा। आदर्श चौराहे पर पूर्ण प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात कर यातायात का सुव्यवस्थित संचालन कराया जाएगा। सफलता मिलने पर इस मॉडल की तर्ज पर जिले के अन्य चौराहों को भी विकसित किया जाएगा। अधिकारियों को इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट हर महीने देनी होगी। आर्दश चौराहे के निर्माण की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को दी गई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें सहयोग करेंगे।
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गांवों में चौकसी बरती जाए
कमिश्नर ने कहा कि पुलिस गांवों में भी विशेष चौकसी बरते। अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए। थानेवार अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर कड़ी नजर रखी जाए। डीआईजी मेरठ लक्ष्मी सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने थानों की नियमित पेट्रोलिंग पर नजर रखें। इस दौरान मंडल के जिलों के सभी डीएम और एसएसपी मौजूद रहे।
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ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कमिश्नर आलोक सिन्हा ने आयुक्त सभागार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने जिले में ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए पायलट प्रोेजेक्ट पर काम शुरू करने के आदेश दिए।
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प्रोजेक्ट के पहले चरण में मंडल के हर जिले में एक-एक चौराहे का चिन्हीकरण करके उसे आदर्श चौराहा बनाया जाएगा। आदर्श चौराहे पर पूर्ण प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात कर यातायात का सुव्यवस्थित संचालन कराया जाएगा। सफलता मिलने पर इस मॉडल की तर्ज पर जिले के अन्य चौराहों को भी विकसित किया जाएगा। अधिकारियों को इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट हर महीने देनी होगी। आर्दश चौराहे के निर्माण की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को दी गई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें सहयोग करेंगे।
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गांवों में चौकसी बरती जाए
कमिश्नर ने कहा कि पुलिस गांवों में भी विशेष चौकसी बरते। अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए। थानेवार अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर कड़ी नजर रखी जाए। डीआईजी मेरठ लक्ष्मी सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने थानों की नियमित पेट्रोलिंग पर नजर रखें। इस दौरान मंडल के जिलों के सभी डीएम और एसएसपी मौजूद रहे।