फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   A network of wires is spread across many areas of the city

Meerut News: शहर के कई इलाकों में फैला है तारों का जाल

Thu, 16 Jan 2025 01:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2025 01:30 AM IST
विज्ञापन
A network of wires is spread across many areas of the city
इकरार अहमद.... बुढ़ाना गेट चौकी की छत के ऊपर बिजली के तारों का जमघट।
मेरठ। बुढ़ाना गेट चौकी के ऊपर बिजली के तारों से हादसा होने के बाद भी अभी तक नंगे तारों को कवर नहीं किया गया है। यहां तारों का जाल जस का तस है। चौके के ऊपर 11 केवी की लाइन के तार जा रहे हैं और उनके नीचे गार्डिंग तक नहीं की गई है। शहर में सराफा बाजार, लाला के बाजार आदि क्षेत्रों में तारों का जाल बिछा पड़ा है। गर्मियों में अक्सर यहां तार जलने की शिकायतें आती हैं, लेकिन अभी तक यहां तारों के जाल से मुक्ति नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन

सोमवार को बुढ़ाना गेट चौकी के ऊपर तारों के पतंग निकालने के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई थी। इसे लेकर आसपास के व्यापारियों और भाजपाइयों ने हंगामा भी किया था। व्यापारियों का कहना है कि यहां तारों का जाल बिछा पड़ा है। नंगे तार चौकी के ऊपर से जा रहे हैं जिससे हादसा होने की संभावना बनी रहती है। इसके बाद मंगलवार को ऊर्जा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तारों को ऊंचा भी किया था, लेकिन अभी भी यहां तारों को कवर नहीं किया गया है। यहां तारों का जाल जस का तस बिछा हुआ है। इसके अलावा शहर में कई अन्य इलाकों में भी तारों का जाल सा बिछा है जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। क्षेत्र के घंटाघर के पास लाला के बाद में पिछले वर्ष ही तारों में फाल्ट होने के कारण आग लग गई थी, इसे लेकर यहां के व्यापारियों ने हंगामा भी किया था। यहां अभी भी ऐसी ही स्थिति बनी है। तारों का जाल सा बिछा हुआ है। गर्मियों में हालात फिर से पिछले साल जैसे बन सकते हैं। विभाग की ओर से यहां पुराने तारों को तो बदल दिया गया है, लेकिन तारों का जाल अभी भी बना हुआ है।
विज्ञापन

अधीक्षण अभियंता शहर प्रशांत कुमार ने कहा कि आरडीएसएस योजना के माध्यम से सभी पुराने तारों को बदला जा रहा है। बुढ़ाना गेट चौकी भी भी तारों को ऊंचा किया गया है। कई जगहों पर नेटवर्क व डिश के तारों के कारण जाल सा बना हुआ है। इसके बावजूद जहां भी तारों के जाल है वहां पर कार्य कराकर उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed