UP: मेरठ के चारों ओर बिछा हाईवे का जाल, शहर में आए बिना कहीं भी जाना होगा आसान
उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर भविष्य में बदला हुआ नजर आएगा। शहर के आसपास बिछ रहे हाईवे के जाल शहर के भीतर जाम की समस्या से निजात दिलाएंगे।
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मेरठ जिले व शहर के चारों ओर हाईवे का जाल तेजी से बिछ रहा है। आने वाले समय में मेरठ से हर ओर कनेक्टिविटी मजबूत होगी। शहर के सभी हाईवे जोड़े जा रहे हैं। ऐसे में लूप-वे की तरह ये सड़कें आउटर रिंग रोड का काम करेंगी। शहर के भीतर से होकर जाने की मजबूरी नहीं होगी। बाहर से ही लोग दूसरे स्थानों पर पहुंच सकेंगे। माना जा रहा मार्च-2025 तक ये काम पूरा हो जाएगा।
मेरठ शहर पांच नेशनल हाईवे से जुड़ा है। इसके तहत एनएच-235, एनएच-58, एनएच-119, एनएच-709 ए तथा दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे को जोड़ा जा रहा है। इसका खर्च करीब 992 करोड़ रुपये आंका गया है। गढ़ मुक्तेश्वर से मेरठ आने वाले एनएच-709ए पर तेजी से काम चल रहा है। इसके तहत गढ़ रोड पर सिसौली के पास इंटरचेंज तैयार हो रहा है।
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लूप-वे के आकार लेते ही हापुड़, गढ़ मुक्तेश्वर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बागपत सहित अन्य जगह जाने के लिए शहर के भीतर आने जरूरत नहीं होगी, समय भी 30 से 40 फीसदी कम लगेगा। वहीं, नरहेड़ा के पास पांचवें फेज का दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का काम चल रहा है। यहीं से सीधे दिल्ली आ-जा सकेंगे।
ऐसे ही गढ़ रोड को मवाना रोड से भी जोड़ा जा रहा है। सिसौली के पास से ही भावनपुर होते हुए सलारपुर तक 12.028 किमी. के करीब सड़क का निर्माण चल रहा है। इसकी लागत 992 करोड़ आंकी गई है, जिसे फरवरी 2025 तक पूरा किया जाने का लक्ष्य है। सलारपुर में भी इंटरचेंज प्रस्तावित है, जहां से दौराला के पास से होते हुए एनएच-58 पर सड़क मिलेगी। इस पर अभी काम शुरू होने में थोड़ा समय लगेगा।