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Meerut News: आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आज होगी मॉक ड्रिल
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्राकृतिक और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की जमीनी तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल की जाएगी। यह शुक्रवार को मेरठ समेत प्रदेश के 34 संवेदनशील जनपदों की 157 तहसीलों में की जाने की तैयारी है। मेरठ की चारों तहसीलों में यह मॉक ड्रिल की जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में होने वाले इस अभ्यास का मुख्य विषय भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) दुर्घटनाएं और अग्नि सुरक्षा होगा। इस संबंध में तीन सितंबर को प्राधिकरण द्वारा एक ओरिएंटेशन एवं कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी (एनआईसी) कक्ष से विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने आगामी ड्रिल की रूपरेखा समझी थी।
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष योगेंद्र डिमरी ने कहा कि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी समन्वय स्थापित करना सबसे अहम है। अधिकारियों को बचाव व राहत कार्यों के सुचारू संचालन और अपने-अपने विभागों की तय जिम्मेदारियों के अनुसार मुकम्मल तैयारियां सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। कहा गया कि यह कवायद भविष्य में किसी भी आकस्मिक आपदा से होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने की दिशा में बेहद अहम साबित होगी।
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मेरठ। प्राकृतिक और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की जमीनी तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल की जाएगी। यह शुक्रवार को मेरठ समेत प्रदेश के 34 संवेदनशील जनपदों की 157 तहसीलों में की जाने की तैयारी है। मेरठ की चारों तहसीलों में यह मॉक ड्रिल की जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में होने वाले इस अभ्यास का मुख्य विषय भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) दुर्घटनाएं और अग्नि सुरक्षा होगा। इस संबंध में तीन सितंबर को प्राधिकरण द्वारा एक ओरिएंटेशन एवं कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी (एनआईसी) कक्ष से विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने आगामी ड्रिल की रूपरेखा समझी थी।
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उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष योगेंद्र डिमरी ने कहा कि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी समन्वय स्थापित करना सबसे अहम है। अधिकारियों को बचाव व राहत कार्यों के सुचारू संचालन और अपने-अपने विभागों की तय जिम्मेदारियों के अनुसार मुकम्मल तैयारियां सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। कहा गया कि यह कवायद भविष्य में किसी भी आकस्मिक आपदा से होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने की दिशा में बेहद अहम साबित होगी।
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