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Meerut News: प्रेम और प्रकाश फैलाने का दिया संदेश
Sun, 05 Oct 2025 07:42 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 05 Oct 2025 07:42 PM IST
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सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च परिसर रविवार को आदिवासी समाज के लोकप्रिय पर्व करमा को श्रद्धा
रोमन कैथोलिक चर्च में आदिवासी समाज ने श्रद्धाभावसे मनाया करमा पर्व
- माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च परिसर में रविवार को एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामूहिक सौहार्द के रंग में रंगा नजर आया। चर्च में आदिवासी समाज के लोकप्रिय पर्व करमा को बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नफरत और अंधकार मिटाकर प्रेम और प्रकाश फैलाएं का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु यीशु को समर्पित पवित्र मिस्सा बलिदान से हुई, जिसमें फादर मंगल मुख्य अनुष्ठान दाता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रभु यीशु से समुदाय की भलाई, भाईचारे और समृद्धि की प्रार्थना की। मिस्सा के दौरान भक्ति गीतों, प्रार्थनाओं और धार्मिक शिक्षाओं से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। चर्च में विशेष रूप से सजे हुए माता मरियम के चमत्कारिक चित्र के समक्ष श्रद्धालुओं ने मत्था टेका, मोमबत्तियां जलाईं और अपनी मनोकामनाएं प्रभु चरणों में अर्पित कीं। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी न केवल भारत के मूल निवासी हैं, बल्कि सिंधु घाटी सभ्यता जैसे प्राचीन नगरों के निर्माता भी रहे हैं।समारोह के अंत में प्रभु से सामूहिक प्रार्थना की गई कि वह आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा और पहचान को बनाए रखने में सहायता करें।
छोटा नागपुर मंच द्वारा आयोजित आदिवासी मिलन समारोह इस वर्ष भी आकर्षण का केंद्र रहा। समारोह का उद्घाटन झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से आए आदिवासी प्रतिनिधियों ने किया।
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वाद्ययंत्रों पर नृत्य ने बांधा समा
कार्यक्रम में मांदर, झांझ, ढोलक, नगाड़ा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किए गए। रंग-बिरंगे परिधान और पारंपरिक गीतों की धुनों पर थिरकते कदमों ने समां बांध दिया।
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- माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च परिसर में रविवार को एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामूहिक सौहार्द के रंग में रंगा नजर आया। चर्च में आदिवासी समाज के लोकप्रिय पर्व करमा को बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नफरत और अंधकार मिटाकर प्रेम और प्रकाश फैलाएं का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु यीशु को समर्पित पवित्र मिस्सा बलिदान से हुई, जिसमें फादर मंगल मुख्य अनुष्ठान दाता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रभु यीशु से समुदाय की भलाई, भाईचारे और समृद्धि की प्रार्थना की। मिस्सा के दौरान भक्ति गीतों, प्रार्थनाओं और धार्मिक शिक्षाओं से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। चर्च में विशेष रूप से सजे हुए माता मरियम के चमत्कारिक चित्र के समक्ष श्रद्धालुओं ने मत्था टेका, मोमबत्तियां जलाईं और अपनी मनोकामनाएं प्रभु चरणों में अर्पित कीं। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी न केवल भारत के मूल निवासी हैं, बल्कि सिंधु घाटी सभ्यता जैसे प्राचीन नगरों के निर्माता भी रहे हैं।समारोह के अंत में प्रभु से सामूहिक प्रार्थना की गई कि वह आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा और पहचान को बनाए रखने में सहायता करें।
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छोटा नागपुर मंच द्वारा आयोजित आदिवासी मिलन समारोह इस वर्ष भी आकर्षण का केंद्र रहा। समारोह का उद्घाटन झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से आए आदिवासी प्रतिनिधियों ने किया।
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वाद्ययंत्रों पर नृत्य ने बांधा समा
कार्यक्रम में मांदर, झांझ, ढोलक, नगाड़ा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किए गए। रंग-बिरंगे परिधान और पारंपरिक गीतों की धुनों पर थिरकते कदमों ने समां बांध दिया।