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एक घंटे में सबसे ज्यादा पौधे रोपकर बनाया था विश्व रिकॉर्ड, बारिश से ढेरों हुए खराब
Sun, 06 Sep 2020 01:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2020 01:54 AM IST
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वृक्षारोपण करती वन विभाग टीम
- फोटो : अमर उजाला
हस्तिनापुर (मेरठ)। वन विभाग ने 28 जुलाई को प्रदेश में एक घंटे में सबसे ज्यादा पौधे रोपकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। हस्तिनापुर में भी 360 पौधे रोपे गए थे, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश का पानी भरा रहने से इनमें से करीब दर्जनभर पौधे खराब हो गए हैं।
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उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में में 28 जुलाई 2020 को वन विभाग द्वारा एक घंटे में 240 प्रजातियों के पौधे रोपे गए थे। हस्तिनापुर में राजकीय पशुधन कृषि क्षेत्र की भूमि पर 55 मिनट में 30 प्रजातियों के 360 पौधे लगाए गए थे। एक घंटे में सबसे ज्यादा प्रजातियों के पौधे रोपने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसकी पुष्टि 30 जुलाई को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड द्वारा की गई थी।
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वन विभाग ने पौधों की देखभाल के लिए कर्मचारी तैनात कर रखे हैं। पिछले दिन हुई बारिश के बाद पौधा स्थल पर पानी भर गया। पानी निकालने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों ने काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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वन विभाग के रेंजर नवरत्न सिंह ने बताया कि कुछ पौधों ऐसे होते हैं जिन्हें पानी की कम जरूरत होती हैं, लेकिन करीब 20 दिन पानी भरा रहने से सहजन के पांच, लेमनग्रांस के पांच और नीम के दो पौधे सूख गए हैं। जल्द ही इनकी जगह दूसरे पौधे रोपे जाएंगे।
यह पौधे रोपे गए थे
वन रेंजर नवरत्न सिंह के अनुसार नीम, कचनार, सिंबल, केसिया ग्लुका, नागकेसर, रेशम रुई, चक्रएशिया, किन्नू, चकोतरा, नींबू घास, गोल्ड मोह, गोल्डन केनपाम, रुद्राक्ष, गोरी चोरी, लैला मजनू, फाइकस बेंजामिन, अंजीर, पाकड़, तमाल, लेटिनापॉम, गुड़हल, लीची, नाशपाती, जामुन, अशोक, अंगूर बेल, सहजन आदि के पौधे रोपे गए थे।