{"_id":"6a0f1b669de90dde69041a83","slug":"a-delegation-of-the-shoshit-kranti-dal-met-the-chairman-of-the-scheduled-caste-commission-meerut-news-c-44-1-smrt1055-112419-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: शोषित क्रांति दल का प्रतिनिधिमंडल अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: शोषित क्रांति दल का प्रतिनिधिमंडल अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से मिला
Thu, 21 May 2026 08:19 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 21 May 2026 08:19 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। गांव डूंगर में अनुसूचित जाति समाज के लोगों के साथ अन्याय और रोजगार संकट को लेकर शोषित क्रांति दल का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली पहुंचा। राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि गांव में चर्म शोधन कार्य से जुड़े अनुसूचित जाति के परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से इस व्यवसाय में लगे हुए हैं। इनके रोजगार को देखते हुए जिला ग्राम्य विकास अधिकरण, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चर्म शोधन इकाइयां उपलब्ध कराई गई थीं, जिनका अनुबंध 17 जून 2024 तक प्रभावी था। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि 13 अप्रैल 2026 को जिला प्रशासन द्वारा बिना पूर्व सूचना के इन इकाइयों पर सील लगा दी गई।आरोप है कि इससे लोगों को अपना कच्चा माल भी बाहर निकालने का मौका नहीं मिला और लाखों रुपये का माल नष्ट हो गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस कार्रवाई के चलते करीब 150 परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है और वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से मांग की है कि मामले में हस्तक्षेप कर प्रशासन को निर्देश दिए जाएं और सील हटवाकर इकाइयों को पुनः संचालित कराया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को रोजगार मिल सके। इस दौरान महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार, रोहित यादव, संजीव कुमार, चिरंजी लाल, गुलशन कुमार, चंद्रपाल, नरेंद्र अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
रोहटा। गांव डूंगर में अनुसूचित जाति समाज के लोगों के साथ अन्याय और रोजगार संकट को लेकर शोषित क्रांति दल का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली पहुंचा। राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि गांव में चर्म शोधन कार्य से जुड़े अनुसूचित जाति के परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से इस व्यवसाय में लगे हुए हैं। इनके रोजगार को देखते हुए जिला ग्राम्य विकास अधिकरण, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चर्म शोधन इकाइयां उपलब्ध कराई गई थीं, जिनका अनुबंध 17 जून 2024 तक प्रभावी था। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि 13 अप्रैल 2026 को जिला प्रशासन द्वारा बिना पूर्व सूचना के इन इकाइयों पर सील लगा दी गई।आरोप है कि इससे लोगों को अपना कच्चा माल भी बाहर निकालने का मौका नहीं मिला और लाखों रुपये का माल नष्ट हो गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस कार्रवाई के चलते करीब 150 परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है और वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से मांग की है कि मामले में हस्तक्षेप कर प्रशासन को निर्देश दिए जाएं और सील हटवाकर इकाइयों को पुनः संचालित कराया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को रोजगार मिल सके। इस दौरान महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार, रोहित यादव, संजीव कुमार, चिरंजी लाल, गुलशन कुमार, चंद्रपाल, नरेंद्र अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन