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Meerut News: तेंदुआ पकड़ने के लिए लगाया पिंजरा, फंस गया कुत्ता
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सनौता गांव में ट्रैप कैमरे लगाती वन विभाग की टीम स्रोत संवाद
झिंझाड़पुर गांव में देखा गया तेंदुआ, किसान की बकरी पर किया हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। क्षेत्र के गांव सनौता में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। घटना के चौथे दिन भी वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी है। विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे (केज ट्रैप) और कैमरा ट्रैप लगाए हैं, लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुए की जगह पिंजरे में कुत्ता फंस गया।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार रात सनौता गांव के पास कब्रिस्तान में तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार इलाके में सर्च अभियान चला रही है। मौके पर तेंदुए के पंजों के निशान भी मिले थे, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई।
कब्रिस्तान क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ तो नहीं फंसा, लेकिन एक कुत्ता जरूर उसमें फंस गया, जिसे टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल दिया। वहीं रविवार रात तेंदुआ करीब डेढ़ किलोमीटर दूर झिंझाड़पुर गांव में देखा गया, जहां उसने एक किसान की बकरी पर हमला कर दिया।
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वन विभाग के अनुसार, जिस कब्रिस्तान में तेंदुआ देखा गया, वह करीब 100 बीघा क्षेत्र में फैला है और घना होने के कारण तेंदुए के छिपने के लिए सुरक्षित स्थान माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तेंदुआ दोबारा उसी क्षेत्र में लौट सकता है, लेकिन मानव गतिविधि और शोर-शराबे के चलते वह वहां नहीं पहुंचा।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। आसपास पर्याप्त रोशनी रखें और खेतों या सुनसान स्थानों पर अकेले न जाएं। साथ ही पशुओं को खुले में न छोड़ने और तेंदुए के दिखने पर भीड़ न लगाने की हिदायत दी गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। क्षेत्र के गांव सनौता में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। घटना के चौथे दिन भी वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी है। विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे (केज ट्रैप) और कैमरा ट्रैप लगाए हैं, लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुए की जगह पिंजरे में कुत्ता फंस गया।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार रात सनौता गांव के पास कब्रिस्तान में तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार इलाके में सर्च अभियान चला रही है। मौके पर तेंदुए के पंजों के निशान भी मिले थे, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई।
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कब्रिस्तान क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ तो नहीं फंसा, लेकिन एक कुत्ता जरूर उसमें फंस गया, जिसे टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल दिया। वहीं रविवार रात तेंदुआ करीब डेढ़ किलोमीटर दूर झिंझाड़पुर गांव में देखा गया, जहां उसने एक किसान की बकरी पर हमला कर दिया।
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वन विभाग के अनुसार, जिस कब्रिस्तान में तेंदुआ देखा गया, वह करीब 100 बीघा क्षेत्र में फैला है और घना होने के कारण तेंदुए के छिपने के लिए सुरक्षित स्थान माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तेंदुआ दोबारा उसी क्षेत्र में लौट सकता है, लेकिन मानव गतिविधि और शोर-शराबे के चलते वह वहां नहीं पहुंचा।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। आसपास पर्याप्त रोशनी रखें और खेतों या सुनसान स्थानों पर अकेले न जाएं। साथ ही पशुओं को खुले में न छोड़ने और तेंदुए के दिखने पर भीड़ न लगाने की हिदायत दी गई है।

सनौता गांव में ट्रैप कैमरे लगाती वन विभाग की टीम स्रोत संवाद