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लालू-नीतिश एक हो गए, तो अजित-मुलायम क्यों नहीं
Meerut
Updated Wed, 15 Oct 2014 05:32 AM IST
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मेरठ। किसान स्वाभिमान रैली में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेबाक कहा कि 20 साल से बिहार में वे लालू के साथ लड़ रहे थे। खतरा आया तो दोनों एक हो गए। ऐसे में यूपी में रालोद और समाजवादी पार्टी को भी एक हो जाना चाहिए।
नीतीश ने मंच से आह्वान किया कि सभी एक हो जाओ। इस पर मंचासीन सभी अतिथियों ने हाथ उठाया तो नीतीश ने पैंतरा चल दिया। उन्होंने यूपी सरकार के कद्दावर मंत्री शिवपाल यादव से मुखातिब होकर कहा कि आपने भी हाथ उठाया है। यानी अब आपको और अजित सिंह को एक हो जाना चाहिए। अजित तो आपसे शीर्ष पद भी नहीं मांग रहे हैं। ऐसे में भला क्या दिक्कत है? वे बोले कि बिहार में खतरा भांपकर जब लालू-नीतीश एक हो सकते हैं तो यहां अजित-मुलायम क्यों नहीं? यही समय की मांग है। उन्होंने केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। कहा कि चीन के राष्ट्रपति यहां आए तो ऐसा नक्शा पेश किया गया जिसमें अरुणांचल को विवादित भाग बताया गया। चीन-पाक सब मनमर्जी कर रहे हैं पर मोदी उसका विरोध तक नहीं कर सके हैं। अच्छे दिन सिर्फ झाड़ू के आए, जनता के नहीं। लोहिया वाद की याद दिलाते हुए नीतीश ने कहा कि जब ढलान पर लुढ़कने लगें तो संभलना जरूरी है। आज इसी तरह से संभलने की जरूरत है।
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नीतीश ने मंच से आह्वान किया कि सभी एक हो जाओ। इस पर मंचासीन सभी अतिथियों ने हाथ उठाया तो नीतीश ने पैंतरा चल दिया। उन्होंने यूपी सरकार के कद्दावर मंत्री शिवपाल यादव से मुखातिब होकर कहा कि आपने भी हाथ उठाया है। यानी अब आपको और अजित सिंह को एक हो जाना चाहिए। अजित तो आपसे शीर्ष पद भी नहीं मांग रहे हैं। ऐसे में भला क्या दिक्कत है? वे बोले कि बिहार में खतरा भांपकर जब लालू-नीतीश एक हो सकते हैं तो यहां अजित-मुलायम क्यों नहीं? यही समय की मांग है। उन्होंने केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। कहा कि चीन के राष्ट्रपति यहां आए तो ऐसा नक्शा पेश किया गया जिसमें अरुणांचल को विवादित भाग बताया गया। चीन-पाक सब मनमर्जी कर रहे हैं पर मोदी उसका विरोध तक नहीं कर सके हैं। अच्छे दिन सिर्फ झाड़ू के आए, जनता के नहीं। लोहिया वाद की याद दिलाते हुए नीतीश ने कहा कि जब ढलान पर लुढ़कने लगें तो संभलना जरूरी है। आज इसी तरह से संभलने की जरूरत है।
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