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कृषि विकास से ही देश का विकास ः डॉ. बीरपाल सिंह
Meerut
Updated Sat, 23 Feb 2013 05:30 AM IST
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मोदीपुरम। कृषि प्रणाली अनुसंधान परियोजना निदेशालय (पीडीएफएसआर) में शुक्रवार को कृषि उद्योग दिवस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कृषि विषयों से जुडे़ वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों व किसानों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि केेंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला के निदेशक डॉ. बीरपाल सिंह ने कहा कि पीडीएफएसआर ही भारत में अकेला ऐसा संस्थान है, जो किसान की सभी समस्याओं का समाधान निकाल सकता है। कृषि व ग्रामीण विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है। कहा कि केवल अनाज के सहारे हम खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर सकते। आलू की फसल को आसानी से तीन से चार फसलों वाले वार्षिक क्रम में शामिल किया जा सकता है। संस्थान के परियोजना निदेशक डॉ. बी गंगवार ने निदेशालय द्वारा चलाए जा रहे अनुसंधान कार्यक्रमों व गतिविधियों पर प्रकाश डाला। गो पशु परियोजना निदेशालय के निदेशक डॉ. आर्जव शर्मा ने कहा कि कृषि को आजीविका के साधन के बजाए उद्योग के नजरिए से देखना होगा। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक के उप महाप्रबंधक बीके श्रीवास्तव ने बताया कि नाबार्ड की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह, डॉ. वीपी चौधरी, डॉ. एसएस पाल ने भी जानकारी दी। जिल से सौ किसानों और 30 वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
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