{"_id":"52-46718","slug":"Meerut-46718-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीट के लिए आवेदन शुरू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीट के लिए आवेदन शुरू
Meerut
Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। देश में पहली बार मेडिकल में दाखिले के लिए होने जा रही संयुक्त प्रवेश परीक्षा नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। 31 दिसंबर तक आवेदन होंगे। सीबीएसई ने मेरठ में इसके लिए हेल्प सेंटर बनाया है। परीक्षा पांच मई को होगी।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) सीबीएसई के साथ मिलकर परीक्षा करा रही है। एमसीआई और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के संस्थानों में दाखिले इसी परीक्षा से होंगे। राज्य और केंद्र की अलग-अलग रैंक तय की जाएगी। परीक्षार्थी को अगर केंद्र के कालेज में दाखिला लेना होगा तो वह केंद्र की रैंक से शामिल किया जाएगा और इसी तरह अगर वह राज्य के कालेज में दाखिला लेना चाहता है तो राज्य की रैंक से प्रतिस्पर्धा करेगा। सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए फीस एक हजार रुपये तथा एससी/एसटी के लिए 550 रुपये रखी गई है। भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग से किया जा सकता है। सीबीएसई ने मेरठ में मदद के लिए गॉडविन पब्लिक स्कूल में हेल्प सेंटर बनाया है। द्रोणाचार्य इंस्टीट्यूट के निदेशक विजय अरोड़ा के मुताबिक अब परीक्षार्थियों को कई फार्म नहीं भरने होंगे। बायोकेम इंस्टीट्यूट के संचालक करमवीर सिंहल का कहना है कि एक ही परीक्षा होने की वजह से छात्रों को फायदा होगा। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होगी।
विज्ञापन
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) सीबीएसई के साथ मिलकर परीक्षा करा रही है। एमसीआई और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के संस्थानों में दाखिले इसी परीक्षा से होंगे। राज्य और केंद्र की अलग-अलग रैंक तय की जाएगी। परीक्षार्थी को अगर केंद्र के कालेज में दाखिला लेना होगा तो वह केंद्र की रैंक से शामिल किया जाएगा और इसी तरह अगर वह राज्य के कालेज में दाखिला लेना चाहता है तो राज्य की रैंक से प्रतिस्पर्धा करेगा। सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए फीस एक हजार रुपये तथा एससी/एसटी के लिए 550 रुपये रखी गई है। भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग से किया जा सकता है। सीबीएसई ने मेरठ में मदद के लिए गॉडविन पब्लिक स्कूल में हेल्प सेंटर बनाया है। द्रोणाचार्य इंस्टीट्यूट के निदेशक विजय अरोड़ा के मुताबिक अब परीक्षार्थियों को कई फार्म नहीं भरने होंगे। बायोकेम इंस्टीट्यूट के संचालक करमवीर सिंहल का कहना है कि एक ही परीक्षा होने की वजह से छात्रों को फायदा होगा। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होगी।
विज्ञापन