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स्क्रिप्ट राइटर और गीतकार संदीप नाथ ने की अमर उजाला से बातचीत
Meerut
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। आज की फिल्मों में पहले की तरह कर्णप्रिय गीत नहीं लिखे जा रहे, बल्कि जेनरेशन बेस्ड गीतों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। यह बात गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर संदीप नाथ ने शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में कही।
दर्जनों फिल्मों की स्क्रिप्ट और गीत लिख चुके संदीप नाथ शहर में होने जा रहे उत्तर प्रदेश फोटो जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाग लेने आए हैं। पेज थ्री, कारपोरेट, सरकार, सरकार राज, फैशन, साहब, बीबी और गैंगेस्टर और पान सिंह तोमर जैसी शानदार फिल्मों के गीत लिख चुके नाथ ने बताया कि वे मूलत: बिजनौर के धामपुर के रहने वाले हैं। पिछले 15 साल से मुंबई में रह रहे हैं। उनका पेज थ्री का प्रसिद्ध गीत ‘कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पे... गाना लता मंगेशकर ने गाया था। आज के और पहले के गानों में फर्क के बारे में उन्होंने कहा कि पहले गाने फिल्म की सिचुएशन पर बनाए जाते थे। आज तो जेनरेशन की मांग के अनुसार गाने लिखे जाते हैं। दर्शकों को सिनेमा तक खींचने के लिए आइटम सांग भी फिल्म में डाला जाता है। नाथ ने बताया कि मेरठ उन्हें बेहद पसंद है। वह तीन साल पहले भी यहां आए थे। यहां के लोग बेहद जिंदादिल हैं। फिलहाल वे जीटीवी के सीरियल अफसर बिटिया के संवाद लिख रहे हैं।
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दर्जनों फिल्मों की स्क्रिप्ट और गीत लिख चुके संदीप नाथ शहर में होने जा रहे उत्तर प्रदेश फोटो जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाग लेने आए हैं। पेज थ्री, कारपोरेट, सरकार, सरकार राज, फैशन, साहब, बीबी और गैंगेस्टर और पान सिंह तोमर जैसी शानदार फिल्मों के गीत लिख चुके नाथ ने बताया कि वे मूलत: बिजनौर के धामपुर के रहने वाले हैं। पिछले 15 साल से मुंबई में रह रहे हैं। उनका पेज थ्री का प्रसिद्ध गीत ‘कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पे... गाना लता मंगेशकर ने गाया था। आज के और पहले के गानों में फर्क के बारे में उन्होंने कहा कि पहले गाने फिल्म की सिचुएशन पर बनाए जाते थे। आज तो जेनरेशन की मांग के अनुसार गाने लिखे जाते हैं। दर्शकों को सिनेमा तक खींचने के लिए आइटम सांग भी फिल्म में डाला जाता है। नाथ ने बताया कि मेरठ उन्हें बेहद पसंद है। वह तीन साल पहले भी यहां आए थे। यहां के लोग बेहद जिंदादिल हैं। फिलहाल वे जीटीवी के सीरियल अफसर बिटिया के संवाद लिख रहे हैं।
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